रेवांचल टाइम्स :- नैनपुर नगर में धर्म और आस्था का केंद्र बड़ी खेरमाई मां शीतला मंदिर अपने सुगम मार्ग को तरस रहा है। ब्रॉडगेज निर्माण के साथ ही यहां तक पहुंचने वाले सीधे रास्ते को हमेशा के लिए बंद कर दिया गया है। जिससे श्रद्धालुओं को मंदिर दरबार तक पहुंचने में खासी परेशानी हो रही है।
खासकर बरसात के इस दौर में तो मंदिर एक पहुंच मार्ग पूरा बंद ही हो गया है। पहले यहां उत्कृष्ट विद्यालय की चारदीवारी के निर्माण से इसे प्रभावित किया गया, अब बड़ी रेल लाइन बिछाने के साथ ही देवी मंदिर तक बरसात के इस मौसम में पहुंचना पाना बहुत दूभर माना जा रहा है।
रेलवे ने जो समपार बनाया है, उसमें हमेशा पानी भरा रहता है। एवं समपार के बात का रास्ता दलदल में तब्दील हो गया है। जबकि रेल लाइन पार कर के मंदिर तक रोजाना भक्तों, उपासकों का पहुंचना दुर्घटना को आमंत्रित कर रहा है।
रेलवे से कई बैठकों के दौर के बाद यहां रेल लाइन के नीचे से एक आम रास्ता बनाने की मांग की जाती रही है। लेकिन रेलवे ने भी अपनी उदासीनता ही दर्शाई है। नगर के श्रद्धालु लगातार मांग कर रहे हैं कि, मंदिर पहुंच मार्ग को सुगम बनाकर लोगों की श्रद्धा और आस्था का ध्यान रखने का कार्य रेलवे विभाग के द्वारा किया जाए।
लेकिन मामला अब तक जस की तस है। मंदिर नगर का सबसे बड़ा धर्म केंद्र है, जहां पर प्रत्येक परिवार के उत्सव कार्य के सांथ उनकी आस्था जुड़ी हुई है। नवरात्रि पर्व और पर्व विशेष पर यहां भक्तों की आवाजाही काफी अधिक बढ़ जाती है।
इन हालातों में देवी मंदिर तक सीधा पहुंच मार्ग बहुत जरूरी है। अपेक्षा है कि, यहां इस सुगम मार्ग का निर्माण कराने में रेलवे विभाग अपना सहयोगी रवैया अपनाकर आम लोगों की आस्थाओं का सम्मान करें।
इनका कहना है
मां शीतला मंदिर से नगर के धर्म प्रेमियों की आस्था जुड़ी हुई है। लेकिन मंदिर तक पहुंच मार्ग का अभाव उनकी आस्था पर चोट पहुंचा रहा है। रेलवे को सकारात्मक रूप से साथ एक आम रास्ता बनाने में सहयोगी बनना चाहिए।
प्रदीप चौरसिया पूर्व पार्षद वार्ड नंबर 15
✒️ नैनपुर रेवांचल टाइम्स से शालू अली की रिपोर्ट ✒️

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