BREAKING
जवाहर नवोदय विद्यालय से दो छात्र लापता | एमपी में बड़ा प्रशासनिक फैसला | जबलपुर में सनसनीखेज वारदात
महाराष्ट्र के पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन के कारण 65 लोग दफन - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

aaj ka akhbar padhen

आज का ई-पेपर

पूरा अखबार पढ़ने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।

ई-पेपर Viewer

Friday, July 23, 2021

महाराष्ट्र के पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन के कारण 65 लोग दफन



मुंबईः महाराष्ट्र के रायगढ़, रत्नागिरी और सतारा जिलों में मूसलाधार बारिश के बाद हुए भूस्खलन और आपदाओं की एक श्रृंखला में, कम से कम 65 ग्रामीणों के जिंदा दफन होने की खबर है. आला अफसरान ने जुमे को इसकी जानकारी दी है. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि शुरुआती रिपोट के मुताबिक, एक दूरस्थ रायगढ़ गांव में पहाड़ी पर भूस्खलल होने से 35 से 38 लोगों की मौत हो गई है. अफसरों ने कहा कि कई दीगर हादसों में रत्नागिरी और सतारा में विभिन्न भूस्खलन या पहाड़ियों में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई और पिछले 48 घंटों में भारी बारिश के बाद इन जिलों में 50 से अधिक लोगों के फंसे होने का अंदेशा है. मकामी लोगों का कहना है कि मलबे के नीचे और लोगों के फंसे होने की आशंका है. वहीँ NDRF और इंडियन नेवी की टीम ने रायगढ़ की मुख्तलिफ बाढ़ इलाकों से अब तक एक हज़ार से ज्यादा लोगों को निकल कर महफूज़ जगहों पर पहुंचा चुकी है.

बारिश की वजह से राहत और बचाव में आ रही हैं मुश्किलें
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक पहाड़ी का अनुमानित 50-60 मीटर हिस्सा टूट गया और नीचे लगभग तीन दर्जन घरों में फिसल गया, जिससे ज्यादातर पीड़ित बोल्डर, पत्थरों और कीचड़ के नीचे फंस गए है. रायगढ़ के सांसद सुनील तटकरे ने कहा कि वह अन्य बचाव दलों के साथ दुर्घटनास्थल की ओर भाग रहे हैं. रुक-रुक कर हो रही बारिश और बाढ़ के साथ-साथ मलबा, कीचड़ और ढीली मिट्टी ऑपरेशन में बाधा डाल रही है, इस आशंका को देखते हुए मरने वालो की संख्या बढ़ने का अंदेशा है.

राहत और बचाव का काम जारी
गौरतलब है कि महाराष्ट्र के कई हिस्सों में पिछले कई दिनों से मुसलसल बारिश हो रही है, जिसकी वजह से अब तक कई हादसे भी हो चुके हैं. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की एक टीम मुंबई से करीब 160 किलोमीटर दूर महाड पहुंच चुकी है और राहत और बचाव कार्यों में जुट गई है. एक अन्य टीम के भी जल्द पहुंचने की संभावना है.

सतारा में भी 10 लोगों की मौत

वहीं, प्रदेश के एक दूसरे जिले सतारा और रत्नागिरी में भी बाढ़ और भूस्खलन से लगभग 30 लोगों के मरने की खबर है. कई लोग अभी लापता बताए जा रहे हैं. रत्नागिरी जिले में भी सैलाब से कई गांवों में पानी घुस गया है और लोगों का जन-जीवन दरहम-बरहम हो चुका है. दोनों जिलों में एनडीआरएफ और नेवी की टीम राहत और बचाव के काम में जुटी है. मौसम विभाग ने इन जिलों में 27 जुलाई तक बारिश का इमकान जताया है.

शाह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से बात की
इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से जुमे को बात की और रायगढ़ में भारी बारिश और भूस्खलन के बाद पैदा हालात की जानकारी ली. शाह ने कहा कि केंद्र, महाराष्ट्र सरकार को राज्य में उत्पन्न स्थिति से निपटने में हर संभव मदद कर रहा है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘महाराष्ट्र के रायगढ़ में भारी बारिश व भूस्खलन के कारण हुआ हादसा अत्यंत दुःखद है. इस संबंध में मैंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) मुख्यालय के महानिदेशक (डीजी) से बात की है. एनडीआरएफ की टीम राहत व बचाव कार्यों में जुटी हुई है.

No comments:

Post a Comment