रेवांचल टाइम्स - कोरोना कर्फ्यू लगने के बाद से शहर की सड़कों में लोग जरूरी काम से ही निकला करते थे। बाजार पूरी तरह बंद थे। सुबह के समय ही आवश्यक सामग्री की दुकानें तय वक्त के लिए खुल रही थी। जिसके चलते अधिकांश समय शहर की सड़कें एकदम सूनसान रहती थी। पर करीब डेढ़ माह के बाद एक बार फिर शहर की सड़कों में रौनक आ गई। 1 जून को ऍनलाक होते ही बाजार सुबह खुले। जिन्हें आवश्यक सामानों की जरूरत थी। वे दुकानों में पहुंचे और खरीददारी की। कहीं शारीरिक दूरी का पालन करने का प्रयास हुआ तो कहीं दुकानों में इसका पालन नहीं किया। पहले दिन से ही प्रशासन ने भी ऐसी दुकानों पर किसी तरह की बंदिश लगाते या सख्ती करते नजर नहीं आए। न ही आज तक
सड़कों पर हो रही भीड़ : कई दिनों से लोग अपने काम काज के लिए निकल नहीं पा रहे थे। वे घर में ही रहकर जैसे तैसे काम चला रहे थे। जैसे ही सुबह हुई तो दुकानदार भी अपने तय वक्त 9 बजे से दुकान खोलने मुख्य बाजार में पहुँचते नजर आते है जल्द ही अधिकांश दुकानें बाजार की खुल गई और भी ग्राहक भी बढ़ने लगे। शहर की मुख्य बाजारों में शारीरिक दूरी का पालन करने की समझाईश इन दुकानदारों ने अपने ग्राहकों को नहीं दी। दुकानदार कई जगह भीड़ लगाकर खरीददारी करते नजर आए। सड़कों में भी कोरोना कर्फूय के बाद सूनी सड़कों में बड़ी संख्या में दोपहिया, चारपहिया वाहनों की संख्या अनलॉक के बाद दिखाई देने लगी है ओर तो ओर 4 बजे के बाद भी कई दुकानदार अपनी दुकान में दुकानदारी करते नजर आते है जब तक पुलिस की गाड़ी का सायरन न बजे तब तक दुकानदार दुकानों को बंद नही करते है जिससे यही लगता है कि दुकानदारों को प्रसाशन का भी कोई भय नही है ना ही गाईड लाइन की चिंता
अभी भी प्रशासन को सचेत करना होगा : देखा गया कि कोरोना कर्फ्यू के दौरान जितना प्रशासन सतर्क था। पुलिस लोगों को घरों से बाहर न निकलने पर कार्यवाही करते नजर आ रही थी उतना अनलाक के पहले दिन कुछ दिखाई नहीं दिया। अभी भी वाहनों से शहर की मुख्य बाजार क्षेत्र में घूम घूम कर लोगों व दुकानदारों को सचेत करने की जरूरत है। ताकि वे कोरोना वायरस से बचाव के लिए जारी की गई कोविड गाइड लाइन का पालन कर सकें।
रेवांचल टाइम्स से राजा विश्वकर्मा की रिपोर्ट


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