रेवांचल टाइम्स - जिले में खरीफ सीजन की तैयारियां चल रही हैं। खेतों में किसान हल बक्खर करता नजर आ रहा है। तो वहीं कृषि विभाग के द्वारा भी बीजों की उपलब्धता के लिए तैयारी कर ली गई है। ओर योजना भी बना ली गई है। धान बीज खरीदने के लिए किसान मुख्यालय पहुंचने लगे हैं। ओर बड़ी संख्या में किसान निजी दुकानों में धान बीज खरीदकर ले जाते नजर आ रहे हैं। पर ताज्जुब की बात है कि अभी तक सहकारी समितियों की दुकानों में किसानों को बीज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। जिससे मजबूरी में किसानों को निजी दुकानों से जाकर मंहगे दामों में बीज खरीदना पड़ रहा है। सहकारी समितियों में किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड योजना का फायदा मिल जाता है, जबकि निजी दुकान से ऐसा नहीं हो पाता।
जल्द उपलब्ध कराएं समितियों में बीजः किसानों का कहना है कि जून माह का प्रथम सप्ताह समाप्त होने को है। पर सहकारी समितियों को बीज उपलब्ध नहीं कराया गया है। कृषि विभाग के द्वारा कितना रकबा में कितना बीज बोना है। कितना लगना है और कहां से उपलब्ध कराना है। इसकी योजना तो बना ली जाती है पर उसे समय पर अमली जामा नहीं पहनाया जाता। यहीं कारण हैं कि धान का बीज अब तक किसानों को उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। जिला मुख्यालय की सहकारी समितियों में जब बीज नहीं आया है तो फिर ग्रामीण क्षेत्रों के सहकारी समितियों के बारे में तो कहा ही नहीं जा सकता। सहकारी समिति जाकर किसान जब संपर्क करते हैं तो उनको वापस लौटना पड़ता है। किसान भी निराश होकर लौट रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब प्रायवेट दुकानों में बीज मिल रहा है तो फिर यहां क्यों हमें भटकाया जा रहा है?
खाद मिल रही तो बीज भी मिलेः किसानों का कहना है कि सहकारी समितियों में समय पर खाद तो उपलब्ध करा दी जाती है। जब समिति में खाद मिल रही है, यदि धान बीज भी उपलब्ध हो जाए। तो हम एक साथ दोनों ही लेकर चले जाएं। पर हर साल हमें बार बार आना पड़ता है। एक बार खाद खरीदना पड़ता है फिर उसके बाद धान बीज लेकर जाना पड़ता है। मानूसन आगमन के पूर्व हम बीज लेकर चलें जाए तो बेहतर होता है। यदि बारिश आई तो फिर हम शीघ्र ही बोनी शुरू कर देते हैं। इसलिए यह व्यवस्था बनाई जाए कि खाद के साथ ही धान बीज भी सहकारी समितियों में भंडारित करा दी जाए। जिससे किसानों को एक बार में ही सब मिल जाए
इसलिए इंतजार करते हैं किसानः सहकारी समितियों से किसानों को खाद व बीज किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से उपलब्ध हो जाता है। इसलिए किसान कम कीमत नगद राशि दिए बना बीज लेकर अपने खेतों में बुवाई करते हैं। वहीं यदि किसान निजी दुकान जाते हैं, तो उन्हें नगद राशि खर्च करना पड़ती है। किसानों का मानना है कि जब प्रायवेट दुकानों में समय पर बीज उपलब्ध है तो फिर समितियों में क्यों देरी हो रही है। किसान मोनू ठाकुर मनोज ठाकुर सहित अन्य किसाानों ने मांग की है कि जल्द से जल्द सहकारी समितियों में भी धान बीज की उपलब्धता बनाए। जिससे किसान समय पर धान बीज मानूसन आने के पूर्व ले जा सकें।
इनका कहना है
महंगे दामों में मैंने खाद और बीज तो ले ली है क्योंकि समय पर मुझे जरूरत थी इसलिए प्राइवेट दुकानों से मैंने खरीददारी की उम्मीद थी कि सोसाइटी से उपलब्ध होगी लेकिन अभी तक सोसाइटी से खाद बीज उपलब्ध नहीं हुई है
मोनू महेंद्र ठाकुर किसान
खेती का समय आ गया है और सोसाइटी वाले कह रहे हैं कि खाद बीज आने वाली है लेकिन कब तक इंतजार करेंगे इसलिए प्राइवेट दुकानों से महंगे दामों पर सामान ले रहे हैं मनोज ठाकुर किसान
रेवांचल टाइम्स से राजा विश्वकर्मा की रिपोर्ट

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