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Friday, June 25, 2021

नैनपुर में स्टाफ नर्सों ने दी मध्य प्रदेश सरकार को चुनौती, मांग पूरी ना होने पर पूरे प्रदेश की नर्स करेंगी अनिश्चितकालीन हड़ताल

 




"सदा बचाती हैं रोगी को दुख, दर्दों बीमारी से। 

भेदभाव भी नहीं करें वह नर रोगी और नारी से। 

देख बुलंदी को नर्सों की, बीमारी डर जाती है।

फ्लोरेंस नाइटिंगेल की वह पावन बेटी नर्स कहलाती हैं।" 


रेवांचल टाइम्स :- वर्तमान में कोरोना महामारी जब काल का रूप लेकर लोगों पर कहर बरपा रही थी।

ऐसे दौर में नर्स खुद अपनी और अपने परिवार की चिंता छोड़कर मरीजों की जान बचाने में जुटी थीं। कोविड अस्पताल और कोविड केयर सेंटरों में भी डाक्टर के साथ पैरामेडिकल स्टॉफ की अहम भूमिका रही। स्टाफ नर्से अपनी जान जोखिम में डालकर ड्यूटी कर रही थी।



कोरोना के संकटकाल में नर्सों ने खुद को कोरोना योद्धा के तौर पर झोंक दिया था। कहर बरपा रही कोरोना महामारी को देख नर्से आठ की जगह दस घंटे ड्यूटी कर सेवा दे रही थी।


अस्पतालों में कई जगह डाक्टर ही नहीं है। नर्सों के भरोसे ही अस्पताल चल रहे हैं। कोरोना संकट काल में नर्सों ने अपनी जान को जोखिम में डालकर अधिक संघर्ष किया। संक्रमित मरीजों के अलावा सामान्य मरीजों की समस्या को दूर करने नर्सें घंटों सेवाएं दे रहीं थी।


सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में नर्सें हर काम को आसानी से पूरा कर लेती हैं। कोरोना की जांच से लेकर वैक्सीनेशन और संक्रमित मरीजों की देखरेख का जिम्मा भी नर्सों के भरोसे ही रहता है। 


नर्सों का सहयोग वाकई सम्मान के लायक है। लेकिन इस सबके बीच हर प्रकार की विषम परिस्थितियों का सामना करने वाली नर्सों को आखिर क्या मिला केवल आश्वासन।

इन्हें मासिक वेतन तक समय पर नहीं दिया जाता, नाही किसी प्रकार का एक्स्ट्रा ड्यूटी भत्ता, और ना ही किसी प्रकार का सम्मान इन्हें मिलता है। इन्हें तो केवल मिलता है, आश्वासन।


एक ऐसा ही मामला नैनपुर नगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में देखने को मिला जहां अपनी मांगों को लेकर स्टाफ नर्सों ने नैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ को ज्ञापन सौंपा जिसमें नर्सों की मुख्य मांगे हैं।


1. पहली यह की नर्सिंग स्टाफ नर्स को नर्सिंग ऑफिसर,


2 .नर्सिंग सिस्टर को सीनियर नर्सिंग ऑफिसर,


3. डिप्लोमा एवं डिग्री धारी नर्सिंग कर्मचारी को विशेष वेतन वृद्धि तथा सेकंड ग्रेट दर्जा देने के लिए कमेटी का गठन,


4 . सहायक अस्पताल का जिम्मा योग्यता अनुसार नर्सिंग कर्मचारियों को ही दिया जाए,


5 . जी.पी.एफ. नियमअनुसार एन.पी.एस. में जमा होगा,


6 . स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में संचनालय स्तर पर सहायक संचालक नर्सिंग के पद पर नर्सिंग संदर्भ से ही सहायक संचालक बनाया जाए किसी अन्य के डर को नहीं संलिप्त ज्ञापन में नर्सिंग स्टाफ ने यह निवेदन भी किया है कि, संघ द्वारा लगातार लिखित एवं मौखिक रूप से विगत कई वर्षों से सूचना दी जा रही है परंतु शासन के द्वारा नर्सिंग विभाग की कोई भी मांग पूरी नहीं की जाती है एवं हमारी मांग पूरी नहीं होने के कारण हम सभी नर्सिंग स्टाफ एवं नर्सिंग सिस्टर दिनांक 28/06/2021 को सामूहिक हड़ताल कर रहे हैं। अगर हमारी मांग 7 दिनों के अंदर पूरी नहीं होती है तो, समस्त प्रदेश की नर्सिंग स्टाफ सामूहिक रूप से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली जाएगी।


 नैनपुर रेवांचल टाइम्स से शालू अली की रिपोर्ट

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