रेवांचल टाइम्स :- नैनपुर नगर में बीते तीन दिन से चल रही तेज बरसात से जहां आम लोगों ने गर्मी एवं उमस से राहत महसूस की वहीं जगह-जगह हुए जलभराव व कच्ची गलियों में कीचड़ होने से लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर के कई वार्ड के मार्ग कच्चे होने के कारण कीचड़ में तब्दील हो गये हैं। इससे रहवासियों को आवागमन में परेशानी हो रही है। कीचड़ से सने रास्तों में कई बार लोग से चलकर वाहनों से गिरकर चोटिल भी हो रहे हैं।
नगर में सेंट्रल रेलवे का बहुत बड़ा क्षेत्र है एवं रेलवे विभाग से संबंधित कई कार्यालय यहां स्थित हैं। यहां सिग्नल डिपार्ट का ट्रेनिंग स्कूल भी है जहां दूसरे शहरों से लोग ट्रेनिंग के लिए इस ट्रेनिंग स्कूल में आते हैं वही ट्रेनिंग के लिए आए हुए कर्मचारियों को हॉस्टल के रूप में वार्ड नंबर 9 रेलवे क्वार्टर में रहने की व्यवस्था की गई है लेकिन रेलवे क्वार्टर के सामने अधिक घनी घांस होने से सड़क का अता पता नहीं है। एवं विगत कुछ दिनों से नगर में हो रही तेज बारिश के चलते छात्रावास के सामने अधिक कीचड़ हो गया है जहां चलना ट्रेनिंग सेंटर के कर्मचारियों के लिए दूभर हो गया है।
जिस रेलवे कॉलोनी क्वार्टरों में हॉस्टल बना हुआ है जहां वे रुकते है उनके लिए केवल यही एक रास्ता है जो कीचड़ से सना हुआ है। बरसात के चलते लंबे लंबे घांस ऊग गए हैं, जिसके चलते आवागमन में ट्रेनिंग में आए हुए कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन हॉस्टल नुमा रेलवे क्वार्टरों की देख भाल करने वाले साफ सफाई करने वालों का अतापता नहीं है । क्वार्टर के सामने आने जाने की जगह गीली मिट्टी से सराबोर हो चुकी है। रात्रि के वक्त यहां अंधेरा होने की वजह से बरसाती कीड़े मकोड़ों का अधिक खतरा बना रहता है अगर उनके साथ कोई घटना घटती है तो इसके लिए ट्रेनिंग सेंटर एवं उच्च अधिकारी की पूरी जवाबदारी बनती है।हमेशा वहां सांप एवं कई जहरीले कीड़े मकोड़े घूमते है। रेल्वे विभाग को इस समस्या को संज्ञान में लेकर इस जगह की साफ सफाई करवाना चाहिए तथा लोगों के आवागमन के लिए उचित मार्ग की व्यवस्था करनी चाहिए।
✒️ नैनपुर रेवांचल टाइम्स से शालू अली की रिपोर्ट ✒️

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