भोपालः कोरोना महामारी से बचाव के लिए देश में इन दिनों जोर-शोर से टीकाकरण अभियान चल रहा है. हालांकि सरकार की काफी कोशिशों के बाद भी कई जगहों पर लोगों में कोरोना टीका लेने के प्रति उदासीनता है. ऐसे में सरकार, जिला प्रशासन अपने-अपने स्तर पर लोगों को जागरुक कर रहे हैं. इस बीच भोपाल जिला प्रशासन एक अनूठी पहल करने की तैयारी कर रहा है. दरअसल प्रशासन जल्द ही 'टीका लगवाओ-मोबाइल पाओ' अभियान की शुरुआत करेगा.
क्या है योजना
बता दें कि भोपाल जिले के ग्रामीण इलाकों में वैक्सीन को लेकर कुछ अफवाहों के चलते लोग टीका नहीं लगवा रहे हैं. जागरण की खबर के अनुसार, जिले की बैरसिया तहसील में अभी तक 45 से ऊपर के लोगों का सिर्फ 53 फीसदी और 18 से 45 के बीच का सिर्फ 17 फीसदी ही टीकाकरण हो सका है. वहीं कई गांवों में बेहद कम लोगों ने टीका लगवाया है. ऐसे में प्रशासन ने एक तरकीब निकाली है.
दरअसल टीका लगवाने वाले लोगों के नामों की पर्ची बनाई जाएगी और फिर उन पर्चियों में से लकी ड्रा निकाला जाएगा. इसके लिए प्रशासन ने मोबाइल निर्माता कंपनी लावा से बात की है. एक वैक्सीन सेंटर पर अधिकतम 10 लोगों को ही मोबाइल मिलेगा. मोबाइल का खर्च उठाने के लिए प्रशासन व्यवसायियों और कारोबारियों से सहयोग के लिए बात कर रहा है.
तीसरी लहर के लिए भी तैयारी जारी
कोरोना की तीसरी लहर को लेकर भी आशंका जाहिर की गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि इस तीसरी लहर में बच्चों को ज्यादा खतरा है. ऐसे में मध्य प्रदेश सरकार ने अभी से ही तीसरी लहर का सामना करने के लिए तैयारी शुरू कर दी है. सरकार ने वैक्सीन प्रोग्राम में 12 साल से कम बच्चों के माता-पिता का प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण करने का फैसला किया है. ताकि माता पिता सुरक्षित रहकर अपने बच्चों की देखभाल कर सकें.
उच्च जोखिम वालों को भी पहले लगेगा टीका
कोरोना संक्रमण का खतरा जिन लोगों को ज्यादा है, उन्हें भी राज्य सरकार पहले टीका लगाएगी. जिन लोगों को संक्रमण का खतरा ज्यादा है, उनमें उचित मूल्य दुकानों के विक्रेता, सिलेंडर सप्लाई करने वाले, पेट्रोल पंप स्टाफ, घरों में साफ-सफाई का काम करने वाली महिलाएं, किराना व्यापारी, सब्जी/गल्ला मंडी के विक्रेता, हाथठेला वाले, दूधवाले, वाहन चालक, साईट मजदूर, मॉल/होटल/रेस्टोरेंट में कार्यरत स्टाफ, शिक्षक, केमिस्ट, बैंकर्स, सुरक्षागार्ड, हेयर सैलून वर्कर आदि लोग शामिल हैं.

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