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Monday, May 31, 2021

मंडला जिला वासियों को इन नियमों का पालन करना हर हाल में जरुरी....नहीं तो होगी कार्यवाही..जाने वो नियम क्या है


कोविड-19 प्रोटोकॉल एवं कोविड उपयुक्त व्यवहार तथा अनुशासन के पालन की जिलेवासियों से अपेक्षा




जिले के व्यक्तियों और वस्तुओं के अंतर्राज्य (इंटर स्टेट) एवं राज्यांतरिक (इंटर स्टेट) आवागमन निर्वाध रूप से संचालित होगा। अंतर्राज्य (इंटर स्टेट) मार्गों पर राज्य की सीमा पर प्रदेश में प्रवेश कर रहे नागरिकों की थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की जाये।

छत्तीसगढ़ बार्डर पर पूर्व में संचालित चैक प्वाइंट्स पर थर्मल स्क्रीनिंग तथा बाहर से आने वाले लोगों का रिकार्ड संधारण की व्यवस्था की जाये। दुकानों में गोले बनाकर ग्राहकों के मध्य पर्याप्त दूरी सनिश्चित कर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाये। ’’नो मॉस्क नो सर्विस’’ अर्थात जिस ग्राहक ने फेस मॉस्क नहीं पहन रखा उसका दुकानदार द्वारा कोई सामान विक्रय नहीं किया जायेगा। दुकानदार स्वयं भी अनिवार्य रूप से मॉस्क का उपयोग करेंगे। यदि कोई दुकानदार ’’नो मॉस्क नो सर्विस’’ प्रोटोकॉल का उल्लंघन करना पाया जाता है तो दुकान को नियमानुसार सील करने की कार्यवाही की जाए। सभी दुकानों पर उक्त संबंध का फलेक्स लगवाया जाना अनिवार्य होगा। अनुमत्य सामाजिक कार्यक्रमों (जैसे 10 व्यक्तियों की उपस्थिति में शव यात्रा अथवा 20 व्यक्तियों की उपस्थिति में विवाह आयोजन) में सामाजिक दूरी का पालन हो, हैण्डवॉश या सेनिटाईजेशन की व्यवस्था हो तथा सभी शामिल व्यक्ति फेस मॉस्क लगायें, यह आयोजक द्वारा सुनिश्चित किया जाना आवश्यक होगा। कोविड से बचाव के लिए फेस मॉस्क पहनना एक आवश्यक निवारक उपाय है।

फेस मॉस्क पहनने का पालन किया जाना चाहिये- अपना मॉस्क लगाने से पहले साथ ही इसे उतारने से पहले और बाद में और किसी भी समय में इसे छूने के बाद अपने हाथों को साफ करें। सुनिश्चित करें की यह आपकी नाक, मुँह और ठुड्डी को पूरी तरह से कवर करें। जब आप किसी मॉस्क को उतारते हैं, तो उसे साफ प्लास्टिक बैग में स्टोर करें। कपडे़ का मॉस्क है तो उसे प्रतिदिन धो लें और मेडिकल मॉस्क को कूड़ेदान में फेंक दें। सभी सार्वजनिक व कार्यस्थलों एवं परिवहन के दौरान फेस मॉस्क पहनना अनिवार्य होगा। ’’नो मॉस्क नो मूवमेंट’’ का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाये।

सामाजिक दूरी - सामाजिक दूरी बनाये रखने के लिये जहां तक संभव हो प्रत्येक परिवार घर के अंदर ही रहें (स्टे एट होम) एवं अन्य बाहरी व्यक्तियों से मेल-जोल कम रखें (सोशल डिस्टेंसिंग) जिससे कोविड संक्रमण को प्रभावी रूप से रोका जा सके। सार्वजनिक स्थानों में प्रत्येक व्यक्ति 6 फिट यानी (’2 गज की दूरी’) बनाये रखेगा। भीड़-भाड़ वाली जगहों, विशेषकर बाजारों, सार्वजनिक परिवहन में सामाजिक दूरी बनाये रखना संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिये भी महत्वपूर्ण है। कार्य स्थल के प्रभारी व्यक्तियों द्वारा श्रमिकों या कर्मियों के बीच पर्याप्त दूरी, पारियों को बदलने में पर्याप्त अंतराल तथा लंच ब्रेक में उपयुक्त अंतराल आदि के माध्यम से सामाजिक दूरी को सुनिश्चित किया जाये।

सभी व्यक्तियों को यह सलाह दी गई है कि वे ऐसी सतह, जो सार्वजनिक संपर्क में है, को छूने के उपरांत साबुन एवं पानी से हाथ धोयें या सेनिटाईजर का उपयोग करें। जिले के ग्रामों को 3 जोन में चिन्हांकित किया गया है जहां कोविड-19 के शून्य एक्टिव केसेस हैं, उन ग्रामों को ग्रीन ग्राम तथा जहां कोविड-19 के 1-4 एक्टिव केसेस हैं उन ग्रामों को यलो ग्राम के रूप में चिन्हांकित किया जाये। ग्रीन एवं यलो ग्रामों में प्रतिबंधित गतिविधियों के अलावा अन्य समस्त गतिविधियां जो अनुमत्य है संचालित हो सकेंगी। जिन ग्रामों में कोविड-19 के एक्टिव केसेस 5 या 5 से अधिक है, उन्हें रेड ग्राम के रूप में चिन्हांकित किया जाये। रेड ग्रामों में तथा नगरीय क्षेत्रों के माईक्रो कंटेनमेंट जोन, कंटेनमेंट जोन में कोविड-19 संक्रमण के संबंध में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारा दिशा-निर्देशों के अनुसार ही गतिविधियां हो सकेंगी। वर्तमान में जिले के सभी नगरीय क्षेत्रों में पॉजिटिविटी का साप्ताहिक औसत 5 प्रतिशत से कम है किन्तु 15 जून के पूर्व साप्ताहिक दर 5 प्रतिशत से अधिक हो जाती है तो संबंधित नगरीय निकाय के संकट प्रबंधन समह की बैठक तत्काल आयोजित किया जाना होगा एवं ब्लॉक क्राईसेस मैनेजमेंट ग्रुप के द्वारा प्रतिबंध हेतु सुझाव संबंधित अनुविभागीय दंडाधिकारी के माध्यम से जिला दंडाधिकारी को अवगत कराना होगा ताकि जिला क्राईसिस मैनेजमेंट की बैठक आयोजित कर प्रतिबंध हेतु प्रस्ताव शासन को भेजा जा सके। नगरीय अथवा ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, मुख्य नगरपालिका अधिकारी नगरपालिका तथा नगर पंचायत द्वारा सभी प्रमुख चौक चौराहा अथवा संबंधित क्षेत्र के ग्राम पंचायतों में कोविड के पालन हेतु एनाउंसमेंट एवं मुनादी के द्वारा व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाये।

नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के दुकानों में अनलॉकिंग उपरांत कोरोना प्रोटोकॉल का पालन किये जाने हेतु संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दण्डाधिकारी के द्वारा कोरोना वालेंटियर का सहयोग लिया जाकर उपयुक्त कार्यवाही की जाये। प्रत्येक 10 दुकानों पर 4 कोरोना वालेंटियर की नियुक्ति अनुविभागीय दण्डाधिकारी द्वारा की जाये। उक्त वालेंटियर शासन द्वारा निर्धारित एसओपी का पालन करायेंगे। अनुविभागीय दण्डाधिकारी उक्त वालेंटियर का चयन करें तथा अपने-अपने क्षेत्र के सभी कोरोना वालेंटियर को 1 जून से सभी दुकानों पर आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित करें। नियुक्त कोरोना वालेंटियर्स द्वारा उक्त दुकानों पर कोरोना कर्फ्यू का पालन कराया जायेगा। छत्तीसगढ के बार्डर पर पूर्व से आर.टी.ओ. के द्वारा लगाये गये चैक नाके पर पूर्वानुसार स्वास्थ्य परीक्षण किया जाना अनिवार्य होगा तथा रजिस्टर में बाहर से आने वालों की प्रविष्टि की जायेगी। रेल्वे स्टेशन अथवा बस स्टैण्ड पर थर्मल स्क्रीनिंग तथा आरएटी सेम्पलिंग की व्यवस्था संबंधित क्षेत्र की टीम के द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा। आबकारी की दुकानें शासन द्वारा नियत समय में खुली रहेगी। उक्त स्थलों पर कोविड महामारी के नियंत्रण हेतु आवश्यक एसओपी के पालन की जिम्मेदारी जिला आबकारी अधिकारी की होगी। आबकारी के आहातों को नहीं खोला जा सकेगा।

जिला मजिस्ट्रेट ने कहा है कि संबंधित इन्सीडेंट कमाण्डर तथा पुलिस के द्वारा उक्त आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाये। आदेश के उल्लंघन पर भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 188 व अन्य प्रासंगिक धाराओं तथा आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 के प्रावधानों के तहत आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।



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