भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बीच अब फंगल इन्फेक्शन तेजी से उभर कर सामने आ रहा है। यह भी रंग बदलता दिख रहा है। सबसे पहले देश में ब्लैक फंगस (Black Fungus) आया, उसके बाद व्हाइट फंगस (White Fungus) और अब येलो फंगस (Yellow Fungus) ने दस्तक दे दी है। उत्तर प्रदेश में सबसे पहला येलो फंगस का मामला सामने आया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में एक व्यक्ति में येलो फंगस पाया गया है। फंगस का शिकार हुए इस मरीज को एक अस्पताल में भर्ती किया गया है। जहां उसका इलाज किया जा रहा है। जानकारी के लिए बता दें कि अब तक देश के 21 राज्यों में ब्लैक फंगस को महामारी घोषित कर दिया गया है और सबसे ज्यादा महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों में इस फंगस का असर दिख रहा है।
बाकी दोनों फंगस से है ज्यादा खतरनाक
मिली जानकारी के मुताबिक, ब्लैक और व्हाइट फंगस से भी ज्यादा खतरनाक येलो फंगस को बताया जा रहा है। यह बीमारी बहुत घातक है, जो शरीर के अंदर शुरू होती है और काफी दिन बाद इसके लक्षण दिखाई देते हैं। ऐसे में आप नहीं पहचान सकते कि आप येलो फंगस के शिकार कब हो गए। ऐसे में लक्षण दिखते ही इसका तत्काल प्रभाव से इलाज शुरू कर देना चाहिए।
ये हैं येलो फंगस के लक्षण
अगर इस संक्रमण के लक्षण की बात करें, तो इसमें मरीज को सुस्ती आना, भूख का कम लगना या भूख ना लगना जैसे लक्षण शामिल हैं। अगर आपको यह लक्षण दिखते हैं, तो आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। साथ ही मरीज का वजन भी कम होने लगता है।
वहीं गंभीर मामलों में मवाद आने, घावों के धीमी गति से ठीक होने, कुपोषण, अंगों का काम करना बंद करने जैसे स्थिति पैदा हो जाती है। इस फंगल इंफेक्शन की होने की वजह साफ तौर पर गंदगी है। ऐसे में आपको अपने आसपास सफाई रखनी चाहिए, ताकि कोई बैक्टीरिया या फंगल पैदा ना हो सके।

No comments:
Post a Comment