रेवांचल टाईम्स :- अतिरिक्त भर पड़ रहा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं पर पोषण आहार परिवहन का दो से चार गुना
कार्यकर्ताओं का कहना अधिकारी दे रहे दबाव पोषण आहार परिवहन के लिए
क्षेत्र की आंगनबाड़ियों में दो महीने से पोषण आहार के पैकेट नहीं भेजे गए हैं। इस कुपोषित बच्चों को इस योजना का फायदा नहीं मिल पा रहा है। कुछ आंगनबाड़ी केन्द्रों पर भोजन का वितरण भी नहीं हो पा रहा है। इससे केन्द्रों की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे है।
कुपोषण मिटाने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे तमाम जतन इस कोरोना काल मे फेल साबित हो रहे हैं। कोरोना में बच्चों को कुपोषण से दूर रखने तथा उन्हें स्वस्थ बनाने के लिए के लिए सरकार द्वारा प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र पर पोषण आहार का वितरण किया जाता था। बच्चों को इसके लिए आंगनबाड़ी केन्द्रों पर स्वसहायता समूह के माध्यम से भोजन वितरण करवाया जाता है। छोटे बच्चों को पोषण आहार के पैकेट का वितरण भी किया जाता है। इन पैकेटों में पोषक तत्व युक्त खिचड़ी तथा सत्तू होता है। जो बच्चों के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी होता है। विभाग द्वारा हर पखवाड़े में आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पोषण आहार के पैकेट भिजवाए जाते हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता केन्द्र पर आने वाले प्रत्येक बच्चे को यह पैकेट प्रदान करती हंै। पिछले दो महीने से क्षेत्र के आंगनबाड़ी केन्द्रों पर ये पोषण आहार के पैकेट नहीं पहुंचे हैं। इस कारण कार्यकर्ता बच्चों को पोषण आहार के पैकेट उपलब्ध नहीं करवा पा रही हैं। जिसको लेकर शिकवा शिकायत हो रही है
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता जिला अध्यक्ष सविता ठाकुर ने बताया कि कुछ केन्द्रों पर पिछले दो महीने से पोषण आहार के पैकेट नहीं पहुंचाए गए हैं। इन पैकेटों में दिए जाने वाले पोषण आहार के माध्यम से बच्चों में पोषक तत्व मिल जाते हैं। गर्मी के सीजन में तो कम से कम पैकेट वितरण का प्रबंध सरकार को करना चाहिए। क्षेत्र के गांवो में स्थित आंगनबाड़ी केन्द्रों पर भी दो महीने से पोषण आहार के पैकेट नहीं पहुंचे हैं।
कई केन्द्रों पर नहीं बंट रहा भोजन
आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चे सरकार के आदेश अनुसार कोरोना काल के कारण नही आ रहे बच्चों के घर तक पोषण आहार उनके घर तक के लिए प्रतिदिन भोजन वितरण की जिम्मेदारी स्वसहायता समूहों को सौंपी गई हैं। अधिकांश केन्द्रों पर स्कूलों में भोजन वितरण करने वाले समूहों द्वारा ही बच्चों को भोजन प्रदान किया जाता था। इन दिनों कोरोना के कारण स्कूलों की छुट्टी चल रही है। इस वजह से ग्रामीण क्षेत्र में संचालित कई आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों को नियमित भोजन भी नहीं मिल पा रहा हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों में दो महीने से पोषण आहार के पैकेट भी नहीं पहुंचे हैं। दूसरी ओर दो महीने से केन्द्र पर स्वसहायता समूह भोजन वितरण भी नहीं कर रहा। केंद्रों के हजारों बच्चे हर दिन बिना पोषण आहार के ही रह जाते हैैं।
महिला बाल विकास अधिकारी चौरई अभिषेक वर्मा का कहना है कि जिले से परिवहन के टेंडर होना था परन्तु अभी तक हो नही पाया है जिसके कारण वितरण में समस्या हो रही जैसे जिले से टेंडर होता है वितरण कर दिया जाएगा मेरे पास भी लोगो के कॉल आ रहे है हमारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को कोई प्रेसर नही है कि वे कैसे भी पोषण आहार लें जाने को

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