रेवांचल टाईम्स :- नरसिंहपुर की नगर परिषद चीचली सम्पूर्ण प्रदेश में नगर परिषद यू चर्चित है। जिसमें अंधेरगिरी का खिताब देना कम हो सकता है। ये मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के करकमलों द्रारा बनाने नवीन परिषद है। जिसमें जो अधिकारीयों को सीएमओ बनने और कार्य करने का अवसर मिला। सबने मनमाना भ्रष्टाचार किया। परिषद में पदस्थ कर्मचारियों की भर्ती में लूटपाट की तो है ही लेकिन इन भ्रष्टो ने गरीब से गरीब नागरिकों को नहीं बकसा है। पार्षदों की सांठगांठ और कर्मचारियों द्रारा कमाई का जरिया प्रधानमंत्री आवास योजना को बनाया। जिन अपात्र लोगों ने मनचाही राशि परिषद को दी फिर न इन्होंने पात्र देखे,न गरीब देखे और न ही विधवा, परित्यागता, विकलांग न आवासहीन परिवारों को देखे। सभी से रुपये उगाही की गई है।
परिषद की अंधेरगिरी साफ तब चौका देती है कि वर्ष 2018/2019 दिनांक 5/4/2018 के आदेश आवाज योजना प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में चीचली की वयोवृद्ध महिला गौराबाई अहिरवार (अनुसूचित जाति) को उक्त आदेश की सूची में क्रमांक 31 पर स्वीकृति प्रदान है। उपरोक्त सूची में नगर के 1031हितगाृहियों के नाम आवस स्वीकृति में प्रथम और दूसरी आवासीय राशि प्रदान की जा चुकी है। लेकिन इसी सूची के क्रमांक 31 में दर्ज स्वीकृति राशि गौराबाई अहिरवार को अभी तक नहीं दी गई है। नगर परिषद में स्थानीय लोगों को रिशवत लेकर भर्ती की गई है। जिनकी मानसिकता धन कमाने शोषण करने की रही है। जिसमें वार्ड प्रभारीगण शामिल है। वार्ड क्रमांक 9 का प्रभारी चिन्टू खरे अपने कुलीन होने अनुसूचित जाति से भेदभाव कर गौराबाई अहिरवार को आवास राशि छुपा महीनों तक रखे रहा है। जब पूरे नगर में हलचल हुई कि नगर के पूरे बाप से लेकर सभी बेटों को मकान बनाने के लिए सरकार रुपये दे रही है। लेकिन सम्पूर्ण वार्ड में केवल एक अहिरवार समाज का गरीब परिवार है उसे क्यों आवास की राशि नहीं दी जा रही है। तब लोगों के पूछने पर बताया कि गौराबाई अहिरवार को प्रधानमंत्री आवास मिलेगा। लेकिन भ्रष्टाचार के पापीओं ने वृद्ध पात्र महिला को आज तक बैक खाते में रुपये नहीं डाले।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री आवास योजना हर बीपीएल परिवारों और खासकर उनको पहले प्राथमिकता देने की है। जो आवासहीन हो /कृषि भूमि न हो /आयकर दाता न हो। लेकिन चीचली नगर परिषद में अंधी लूटपाट हो रही है। गरीबों को सताया जा रहा है।
चीचली परिषद में गौराबाई अहिरवार के दो पुत्र है, दोनों गरीब और आवास हीन जिनके द्रारा तीन वर्ष से विधिवत सहपत्रो के साथ आवेदन पत्र जमा है। जिन्हें भी प्रधानमंत्री आवास प्रदाय नहीं किया है। आवेदनकर्ता मूलचंद अहिरवार और रेवती रमण अहिरवार जो की विकलांग है। इनके साथ पक्षपात, अन्याय जानबूझकर किया गया है। इन्होने जिला प्रशासन से लेकर मध्यप्रदेश शासन के उक्त शिकायत की जा चुकी है। लेकिन नगर परिषद पर कोई भी कार्यवाही न होने इनके होसले बुलंद है। गौराबाई अहिरवार के पुत्रों द्रारा सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज करायी है। जिसका शिकायत क्रमांक 14102865 है। जबकि ऐसे ही पूर्व गौराबाई अहिरवार द्रारा सीएम हेल्पलाइन पर की थी। जिसमें सीएमओ चीचली ने झूठी जानकारी दी है कि आवेदिका का नाम आवास योजना में है। लेकिन शासन द्रारा बजट अनुदान आने पर राशि दी जायेगी। जबकि नगर परिषद की स्वीकृति 1031 की थी। जिनकी अंतिम राशि प्रदान होने से उनके आवास पूर्ण हो गये। ऐसी घोर अंधेरगिरी के खिलाफ आवाज उठाई जाये। ताकि शासन का लाभ वंचितों और उपेक्षित लोगों को भी प्राप्त हो।




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