वार्ड नंबर 7,8 एवं 9 मे वर्षो पुरानी है समस्या
नगर परिषद की टैंकर सप्लाई "ऊँट के मुँह में जीरा"
निवास//- निवास नगर परिषद के वार्ड नंबर 6,7 एवं 8 में पानी को लेकर कोहराम मचा हुआ है। इन वार्डो के कुछ मोहल्ले में जहाँ पीने का पानी प्रचुरता में आता है वही कुछ मोहल्लों में पीने का पानी दिवा स्वपन जैसे है और इन वार्डों के लोग बिझोली ग्राम से सप्लाई होने वाले गंदे पीले पानी को ही अपनी नियति मानकर अपना काम चलाते हैं लेकिन पिछले कुछ दिनों से बिझोली लाइन से पानी की सप्लाई ठप्प हो चुकी है। इन वार्डो के वॅाशिंदे निस्तारी पानी तक के लिए तरस रहे हैं।
टैंकर से पानी सप्लाई "ऊँट के मुँह में जीरा"-----
नगर परिषद इन वार्डों में टैंकर के माध्यम से पानी सप्लाई कर, कुछ मात्रा में पानी तो दे रही है लेकिन ये पानी रोज की जरूरतों को पूरा करने के लिये अपर्याप्त है। जब टैंकर आता है तो लोग पानी के लिये टूट पड़ते है और कई बार पानी भरने वालों के बीच अप्रिय स्थिति बन रही है।
कब तक झेलेंगे बिझोली का गंदा पानी----लोगो का कहना है कि पुरानी बस्ती के लोगों के नसीब में बिझोली का गंदा पानी ही बदा हुआ है। नगर परिषद के अति विशेषज्ञ तकनीकी कर्मचारियो के द्वारा लापरवाही पूर्वक पाइप लाइन डालकर इस समस्या को और विकराल कर दिया गया है। लोगों का कहना है कि पीने का बोरिंग वाला पानी क्या कुछ वार्डों के लिए आरक्षित है जो पुरानी बस्ती में सप्लाई नही किया जाता। क्या इन आरक्षित वार्डो के अलावा पीने का बोरिंग वाले पानी पर दूसरे वार्ड का अधिकार नही जबकि नगर परिषद को टैक्स का भुगतान तो सभी वार्ड तत्परता से करते हैं। लोगो का कहना है कि कुछ वार्डो में नहाने धोने तक के लिये बोरिंग का पानी दिया जा रहा है और हमें पीने के लिए बिझोली का गंदा पानी।
दुर्गेश कुशवाहा निवास

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