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Monday, May 17, 2021

नैनपुर में कोरोना संक्रमित व्यक्तियों को सेवा दे रहीं 62 वर्षीय नर्स सिलोचना,किल कोरोना सर्वे की जिम्मेदारी रही है संभाल...


रेवांचल टाइम्स :- कोरोना काल में अगर कोई सैनिकों की भांति युद्ध लड़  जान गंवाई और हजारों संक्रमित हुए लेकिन कर्तव्य पथ पर पूरी निडरता के साथ डटे हुए हैं।

आज हम आभार जताना चाहते हैं ऐसे ही नर्सिंग स्टाफ का जिन्होंने पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ कोविड काल में अपने कर्तव्य को निभाया और अब भी ड्यूटी में दिन-रात जुटे हैं। 

सेवा भाव और समर्पण का दूसरा नाम नैनपुर स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ ए.एन.एम. सिलोचना डेहरिया है। 62 वर्ष की उम्र में भी  कोरोना संक्रमित लोगों की देखभाल कर रही हैं। सिलोचना का जज्बा  देखते ही बनता है।

इस महामारी काल में ढाई सौ मरीजों की देखभाल कर चुकी  सुलोचना कोरोना महामारी का  डटकर मुकाबला कर रही हैं। अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में हो या फिर कोरोनारोधी टीकाकरण कार्यक्रम, हर क्षेत्र में सुलोचना अग्रिम पंक्ति में रहकर सेवाएं दे रही हैं। पिछले साल भी उन्होंने कोविड वार्ड में सेवाएं दी थी। अस्पताल प्रबंधन भी इनके सेवाभाव और कार्य के प्रति समर्पण को दूसरों के लिए प्रेरणा की मिसाल बताता है


जानकारी के मुताबिक 62 वर्षीय ए.एन.एम सिलोचना डेहरिया नैनपुर में पदस्थ हैं यहां वार्ड क्रमांक 1 से लेकर वार्ड क्रमांक 7 तक की जिम्मेदारी सुलोचना की है यहां 8 हजार की जनसंख्या है इन्होंने घर में आइसोलेट कोविड-19 के मरीजों को दवाइयां उपलब्ध कराई है। सिलोचना डेहरिया के द्वारा किल कोरोना-3 का सर्वे भी किया जा रहा है। 

इस दौरान सुबह से लेकर शाम तक यह लोगों के घर घर जा रही हैं, कंटेनमेंट जोन में भी जाकर संदिग्ध मरीजों का परीक्षण कर दवाई दे रही हैं।


" सिलोचना का कहना है कि,

उम्र के इस पड़ाव में भी उन्हें जनमानस की सेवा का अवसर मिल रहा है। यह उनका सौभाग्य है। इस नौकरी से वह बेहद खुश हैं,और कोरोना काल में बिना थके ड्यूटी कर रही हैं। "


कोरोना काल में डाक्टर और नर्स ही लोगों का अंतिम सहारा बने हुए हैं। इस भयानक वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज और उनकी देखभाल करने में नर्सो की जिम्मेदारी काफी अहम है। इस समय जैसे ही कोई व्यक्ति कोरोना पाजिटिव हो जाता है तो उसके घर वाले भी उससे दूर हो जाते हैं, लेकिन अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीजों का नर्से देखभाल करती हैं। ऐसे में उन्हें खुद भी संक्रमित होने का खतरा रहता है, लेकिन फिर भी यह अपनी जिम्मेदारी को सबसे ऊपर मानते हुए बखूबी निभा रही हैं।


नैनपुर रेवांचल टाइम्स से शालू अली की रिपोर्ट

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