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Wednesday, May 26, 2021

25 मई 1998 को मंडला जिले से अलग कर डिंडोरी जिले के रूप में एक नई पहचान डिंडोरी जिले को मिली थी, जानिए कैसे...


रेवांचल टाइम्स.. डिंडोरी जिला जो आदिवासी बाहुल्य जिला माना जाता है हम सब डिंडोरी जिला वासी कितने सौभाग्यशाली हैं जो  मां नर्मदा तट  की गोद में बसा हुआ है यह चारों और हरियाली छाई हुई है सुबह शाम मां नर्मदा का दर्शन पूजा पाठ करने का मौका मिलता है हमारा पूरा जिला हरी हरी वादियों और पहाड़ियों से भी बसा हुआ है हमारे डिंडोरी जिले में कई ऐसे धार्मिक स्थल भी हैं जहां पर लोग पूजा पाठ कर अपनी मन्नतें भी मांगते हैं बस दुर्भाग्य की बात यह है कि यहां हमारा जिला रेलगाड़ी से वंचित है बाकी यहां पर सभी साधन उपलब्ध है बस डिंडोरी जिले के आदिवासी भाई लोग रेलगाड़ी और रेल लाइन देखने को तरस रहे हैं ना जाने यहां कब उनका सपना साकार होगा एवं डिंडोरी जिले को बने कितने साल हो गए इसके बावजूद भी पॉलिटिशियन के कारण डिंडोरी आज भी उतना विकास नहीं कर पाया जितना उसे करना था और आपको जानकारी के मुताबिक बता दें कि दुख इस बात का यहां है कि मां नर्मदा में पूरी तरह से साफ सफाई भी नहीं होती ना ही मां नर्मदा में जाने वाली गंदी नालियों को रोका गया कुछ समय पहले डिंडोरी जिले में शिविर प्लांट का भी काम बड़े जोरों शोरों से चल रहा था जिससे शहर की गंदी नालियों का पानी बड़े आसानी से शहर से बाहर निकल जाता पर दुर्भाग्य की बात यह है कि वहां प्रोजेक्ट भी फेल होता नजर आ रहा है लगता है मां नर्मदा को इस गंदी नालियों के पानी से कभी छुटकारा नहीं मिल पाएगा यहां दुर्भाग्य बस श्रद्धालुओं को देखना पड़ता है इस जिले में ना जाने कहां-कहां से परिक्रमा वशी मां नर्मदा के प्रति अपनी आस्था लेकर नंगे पांव पदयात्रा करते चले आते हैं


इतिहास.... डिंडोरी जिले का गठन मंडला जिले से विभाजित होने के बाद 1998 में किया गया था इसलिए जिले के इतिहास लेखन मंडला जिले के समान हैं डिंडोरी का मूल नाम 1951 तक रामगढ़ था जो मंडला की एक तहसील थी बाद में रामगढ़ का नाम डिंडोरी के रूप में जाना जाने लगा मौर्य शुग कणव के बाद चालुक्य और चेदी राजवंशों के द्वारा मध्य भारत पर शासन किया गया बाद में हैहय वंश भी गढ़ मंडला में अर्थ 875 ईसवी से 1042  ईसवी तक राज करता रहा 1835 तक मंडल सिवनी एक तहसील थी 18 51 में मंडला को जिला का दर्जा दिया गया   जिसमें रामगढ़ की भूमि मिलाकर 18 तालुके थी 2089 गांव में से 1039 गांव सुहागपुर का हिस्सा बन गए थे और 10 50 गांव रामगढ़ मैं बने रहे अंग्रेजों से लड़ाई करते समय रामगढ़ की बहादुर रानी अवंती बाई की मौत हो गई और मंडला में 18  57 के विद्रोह को दबा दिया गया रामगढ़ का सोहागपुर क्षेत्र रीवा के राजा को सौंप दिया गया सीएस क्षेत्र डिंडोरी तहसील के कब्जे में रही जिसको मिलाकर  25 मई 1998 को नया जिला बनाया गया


डिंडोरी जिले के स्थापना दिवस पर जिले वासियों को ढेर सारी शुभकामनाएं रेवांचल टाइम्स परिवार की तरफ से



रेवांचल टाइम्स से प्रमोद पड़वार की खास रिपोर्ट सच के साथ

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