रेवांचल टाईम्स :- मंडला होली के अवसर पर मंडला के साहित्यकारों/कवियों द्वारा एक नई परंपरा की शुरुआत की गई,जिसके तहत टोपा सम्मेलन का आयोजन नगर के वरिष्ठ साहित्यकार विजय सिंह चौधरी चाचा के निवास पर किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता विजय सिंह चौधरी चाचा ने की,जबकि मुख्य अतिथि की आसंदी को ख्यातिलब्ध वरिष्ठ साहित्यकार व हास्य कवि प्रो.डॉ.शरद नारायण खरे जी ने सुशोभित किया । सर्वप्रथम माँ शारदा का पूजा अर्चना की गई। जिसके बाद उपस्थित सभी साहित्यकारों का तिलक लगाकर एंव टोपा पहनाकर स्वागत किया गया ।
हास्य कार्यक्रम के महत्व पर अपने विचार रखते हुए अनेक टीवी चैनलों पर अपनी हास्य प्रस्तुति दे चुके प्रो.शरद नारायण खरे ने कहा कि हास्य हमें नव ऊर्जा व उल्लास देकर अवसाद से उबारता है,इसलिए हास्य आदमी के लिए टॉनिक का काम करता है।
कवियों में बब्बल खरया, लखन कछवाहा स्नेही,बेहतरीन गीतकार श्याम बैरागी ,हास्य के सुपरिचित हस्ताक्षर नवीन जैन'अकेला',व सुपरिचित कलमकार प्रो.शरद नारायण खरे एवं विजय सिंह चौधरी चाचा ने एक से बढ़कर एक हास्य रचनाओं की प्रस्तुति देकर उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर होली के रंग में रँग दिया ।
किसी ने कोरोना पर चढ़ाई की,तो पत्नी-वंदना की तो किसी ने दिनचर्या से हास्य उठाकर धमाका किया।प्रस्तुति, अंदाज़, हावभाव ऐसा था कि मानो यह किसी अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का मंच हो। आनंद की गुलाल और उल्लास के रंगों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में किरण यादव,प्रमोद चौधरी,भरत श्रीवास, प्रफुल्ल चौधरी,अनुज चौधरी,सुबोध चौधरी,प्राची चौधरी,अशोक यादव,सुशीला चौधरी के साथ ही बड़ी संख्या में श्रोताओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाया । कार्यक्रम का सफल संचालन एंव संयोजन नवीन जैन अकेला ने किया ।अंत में कवियों को टोपाश्री,टोपाभूषण,टोपाविभूषण,टोपारत्न आदि सम्मानों से विभूषित किया गया,और धतूरे का फल भेंट किया गया।आयोजकों व प्रतिभागी कवियों ने संकल्प लिया,कि मंडला पर अब होली पर टोपा सम्मेलन आयोजित करने की परंपरा को वे निरंतरता प्रदान करेंगे।
स्वल्पाहार उपरांत कार्यक्रम सम्पन्न हुआ ।

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