रेवांचल टाईम्स :- जिला कलेक्टर ने की स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग की समीक्षा
स्वास्थ्य तथा महिला बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुये कलेक्टर हर्षिका सिंह ने कहा कि जिले से कुपोषण तथा एनीमिया के दाग को मिटाने के लिये समग्र प्रयास जरूरी है। इस संबंध में संबंधित विभाग आवश्यक सर्वे कराते हुये विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें। कलेक्ट्रेट के गोलमेज सभा कक्ष में सम्पन्न हुई बैठक में सीएमएचओ डॉ श्रीनाथ सिंह, कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास श्वेता तड़वे, समस्त परियोजना अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी सहित संबंधित उपस्थित रहे।
कलेक्टर हर्षिका सिंह ने निर्देशित किया कि जिले को कुपोषणमुक्त बनाने के लिये सशक्त रणनीति बनाकर कार्य करना आवश्यक है। जिला तथा विकासखण्ड स्तर के अधिकारी सतत मॉनीटरिंग करते हुये लक्ष्य समूह से चर्चा कर फॉलोअप लें। सभी परियोजना अधिकारी आगामी एक सप्ताह में अपने क्षेत्र के प्रत्येक कुपोषित बच्चे से सम्पर्क कर सप्रमाण पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। इन बच्चों को कुपोषण की श्रेणी से बाहर लाने का प्रयास करें। जो बच्चे लगातार एक ही श्रेणी में हैं उन्हें रोस्टर बनाकर एनआरसी भेजें। एनआरसी में कोई भी सीट रिक्त नहीं रहनी चाहिये। कुपोषित बच्चों के घर में मुनगा का वृक्षारोपण करायें। बच्चों के साथ साथ माताओं की सेहत का भी ध्यान रखें। नव विवाहिता महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी आंगनबाड़ी केन्द्र में रखी जाये। आवश्यकतानुसार उनके खून के स्तर की जॉच कराकर समय रहते कारगर कदम उठायें। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सभी आवश्यक जानकारियों की निर्धारित समय सीमा में ऑनलाईन एंट्री करें। संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित किया जाये। विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों का समय पर भुगतान करें। बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सहित अन्य योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
शत प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करें- टीकाकरण की समीक्षा करते हुये कलेक्टर हर्षिका सिंह ने कहा कि गर्भवती महिलाओं तथा बच्चों का शत प्रतिशत टीकाकरण करें। कोई भी महिला अथवा बच्चा टीकाकरण से वंचित नहीं रहना चाहिये। एक भी प्रकरण सामने आने पर हर स्तर पर जिम्मेदारी तय की जायेगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य तथा महिला बाल विकास टीकाकरण के लिये समन्वय से कार्य करें। दोनों विभाग आपस में जानकारी साझा कर लक्ष्य पूर्ति सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने टीकाकरण के लक्ष्य एवं उपलब्धि की विकासखण्डवार समीक्षा करते हुये आवश्यक निर्देश दिये।
कुपोषित परिवार की आमदनी बढ़ाना जरूरी- बैठक में कलेक्टर हर्षिका सिंह ने निर्देशित किया कि कुपोषित बच्चे के परिवारों को शासन की योजनाओं का प्राथमिकता से लाभ प्रदान करते हुये उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जाये। मनरेगा सहित विभिन्न रोजगारमूलक कार्यों में इनके परिवारों का प्राथमिकता से नियोजन सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों का चिन्हांकन कर उनकी आय के स्त्रोत बढ़ाने के प्रयास किये जाये जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर हो सके और वे अपनी परिवार को कुपोषण के चक्र से बाहर निकालने में समर्थ हो सकें।
कुपोषण के कारणों का पता लगायें- कुपोषण के कारणों की चर्चा करते हुये कलेक्टर हर्षिका सिंह ने निर्देशित किया कुपोषित बच्चों के परिवारों का विस्तृत सर्वे कराते हुये कुपोषण के कारणों को चिन्हित कर निदानात्मक कार्यवाही करें। सर्वे में परिवार की आर्थिक स्थिति, माता की खून का स्तर, पोषण का स्तर, पेयजल, शौचालय, सामाजिक धार्मिक कारण, स्तनपान, टीकाकरण आदि बिन्दुओं को सम्मिलित किया जाये। उन्होंने सर्वे रिपोर्ट के आधार पर समग्र योजना तैयार करने की बात कही।
एनीमिक महिलाओं को सप्ताह में 2 बार आंगनबाड़ी केन्द्रों में खाना खिलायें- कलेक्टर हर्षिका सिंह ने कहा कि जिले में एनीमिक महिलाओं की संख्या बहुत है, जिस पर गंभीरता से कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सर्वे कर एनीमिक महिलाओं की सूची तैयार करें तथा उन्हें पौष्टिक एवं संतुलित आहार करने की समझाईश दें। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों के पुरूषों की कार्यशाला आयोजित कर उन्हें एनीमिया तथा कुपोषण के दुष्परिणामों देते हुये महिलाओं तथा बच्चों के लिये पौष्टिक संतुलित आहार की अनिवार्यता से अवगत करायें। श्रीमति सिंह ने कहा कि एनीमिक महिलाओं को सप्ताह में 2 बार आंगनबाड़ी केन्द्र बुलाकर खाना खिलायें। इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी को महिलाओं के लिये आदर्श थाली का मीनू तैयार करने के निर्देश दिये। इसी प्रकार कुपोषित बच्चों को आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता अपने समक्ष भोजन करायें।
लक्ष्य पूरा नहीं होने रोका गया परियोजना अधिकारियों का वेतन- लाड़ली लक्ष्मी योजना की समीक्षा करते हुये कलेक्टर हर्षिका सिंह ने लक्ष्य के अनुरूप पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने लाड़ली लक्ष्मी योजना का लक्ष्य पूरा नहीं होने तक सभी परियोजना अधिकारियों का मार्च 2021 माह का वेतन रोकने के निर्देश दिये। श्रीमति सिंह ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना शासन की एक महत्वपूर्ण योजना है जिसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जायेगा।
No comments:
Post a Comment