रेवांचल टाईम्स :- टेमनी में खुली राशन दुकान, बैगा परिवार हुए खुश बालाघाट जिले के लांजी विकासखंड के दूरस्थ क्षेत्र के पहाड़ों एवं जंगलों में बसे चार ग्रामों के बैगा आदिवासियों को अब राशन लेने के लिए 20 से 30 किलोमीटर का पैदल सफर तय नहीं करना पड़ेगा। दूरस्थ अंचल के इन बैगा आदिवासियों के लिए जिला प्रशासन ने अब टेमनी में ही राशन दुकान प्रारंभ कर दी है। आज 01 मार्च 2021 को 100 से अधिक बैगा आदिवासी टेमनी की राशन दुकान में राशन लेने के लिए आये थे।
टेमनी के स्कूल में प्रारंभ की गई नई राशन दुकान से राशन लेकर सभी बैगा आदिवासी बहुत खुश थे। उनकी खुशी भी वाजिब है। ग्राम टेमनी, सायर, संदूका एवं केराडेही के बैगा आदिवासी लोंगों को हर माह राशन लेने के लिए 20 से 30 किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर देवरबेली आना होता था। इस चक्कर में उनका पूरा दिन खराब हो जाता था और ऊपर से थकान हो जाती थी। लेकिन अब उन्हें राशन लेने के लिए देवरबेली नहीं जाना होगा, बल्कि राशन दुकान चलकर टेमनी में आ गई है।
कलेक्टर दीपक आर्य के मार्गदर्शन में लांजी एसडीएम रविन्द्र परमार एवं एसडीओपी श्री दुर्गेश आर्मो ने दूरस्थ क्षेत्र के इन ग्रामीणों की समस्या को समझा और उन्होंने ग्राम टेमनी, सायर, संदूका एवं केराडेही के बैगा आदिवासी लोगों की इस समस्या का निदान करने के लिए पहल की थी। लांजी एसडीएम रविन्द्र परमार एवं एसडीओपी दुर्गेश आर्मो ने प्रयास कर आज 04 मार्च को ग्राम टेमनी के स्कूल में राशन दुकान प्रारंभ कर ग्राम टेमनी, सायर, संदूका एवं केराडेही के बैगा आदिवासी लोगों को राशन का वितरण कराया है। ग्राम टेमनी की यह दुकान निर्धारित दिनों में खुलेगी।
आज 04 मार्च को ग्राम सायर के गुलाब, सुखऊ, संदुका के रामलाल, प्रभुदयाल, अमिलाल, गुमान, टेमनी के सुखदास, दुल्लू, रैनी, सोदसिंह, केराडीह के रमेश, रामकली, बिरजू, तिलक, सुकलू एवं खमारडीह के भगेल सिंह सहित 100 से अधिक बैगा आदिवासी टेमनी की राशन दुकान में राशन लेने के लिए पहुंचे थे और सभी इस सुविधा के सुलभ होने से बहुत खुश थे।
एसडीएम परमार ने बताया कि टेमनी में नई राशन दुकान के लिए भूमि आबंटित कर दी गई है और मनरेगा एवं अन्य योजना की राशि से उचित मूल्य दुकान के भवन का निर्माण किया जायेगा। टेमनी, सायर, संदूका एवं केराडेही दुर्गम क्षेत्र के ग्राम है और इन ग्रामों तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं है। टेमनी तक कच्ची सड़क बना दी गई है, जिससे आवागमन हो रहा है और राशन का अनाज भी सुगमता से टेमनी पहुंचने लगा है। टेमनी तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क बनाने के लिए भी प्रयास किये जा रहे है। उन्होंने बताया कि इन चारों ग्रामों के बैगा जनजाति के लोगों को विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए शीघ्र ही टेमनी में शिविर का आयोजन किया जायेगा। इस शिविर के माध्यम से इस दुर्गम क्षेत्र के विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा के लोगों को पेंशन, आहार अनुदान, आवास सहायता, खाद्यान्न पर्ची एवं अन्य योजना का लाभ दिलाया जायेगा।
रेवांचल टाइम्स बालाघाट से खेमराज बनाफरे की रिपोर्ट


No comments:
Post a Comment