रेवांचल टाईम्स :- आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला में समस्याओं की कोई कमी नही बस यहाँ पर समस्याओं का निराकरण करने वाले कि कमी है क्योंकि ये जिला आदिवासी बाहुल्य जिला और पिछड़ा हुआ है यहाँ पर कोई सुनवाई नही होती है।
यहां जल संकट के चपेट का क्षत्रफल बहुत बड़ा है पर मुख्य रूप जल संकट से ग्रसित पंचायतों की संख्या लगभग 8-9 है जिसमें ग्राम पंचायत मोहगांव,कुम्हली भानपुर,सकवाह,दाढी,समनापुर के 12से 15 गांव सम्मिलित है।
इन क्षेत्रों के निवासियों के गंभीर समस्याओं मे से पीने के पानी ना मिल पाना एक मुख्य समस्या है
इन क्षेत्रों का जल स्तर बहुत ही निम्न है जल स्तर निम्न होने की पुष्टी लोक स्वास्थय यान्त्रिकी मण्डला के द्वारा प्राप्त होता है (पहला) इनमे से कुछ कुछ ग्रापं मे नल जल योजनान्तर्गत पानी टंकी का निर्माण किया गया जिसके लिए इन क्षेत्रों मे पानी ही उपलब्ध नही हो पा रहा है
प्रत्येक वर्ष बोरिंग का कार्य किया जा रहा है परन्तु परिणाम आज तक नही मिल पा रहा है ( दूसरा) ग्राम पंचायत मोहगांव के रंहगी मे एक भी हेण्डपम्प संचालित नही है इस प्रकार से इस क्षेत्र में अनेक ऐसे प्रमाण हैं जो जल संकट को इंगित करता है
उपर्युक्त क्षेत्र मे जल संकट के लिए प्राकृतिक कारण ही नजर आता है इन क्षेत्रों की भौगोलिक बनावट ही इस प्रकार है इन गांवों के बीच मे गहरी खाही युक्त बहती नदियां है एवं जंगल है तथा जनसंख्या निवास ऊंचे स्थान पर होता है।
निवारण- इसी प्राकृतिक स्थान मे ग्राम करेली और मोहगांव के बीच बांध का निर्माण करने से यंहा के क्षेत्रवासी जलसंकट के इस भयावह समस्या से निजात पा सकते हैं
बस आवशयकता है तो इस क्षेत्र में शासन एवं प्रशासन की ध्यानाकर्षण कराने की एवं जल संकट से निजात दिलाने की प्रतिबद्धता की
बांध निर्माण के लिए अनुमानित सर्वे रिपोर्ट-
स्थान- ग्रापं दाढी के ग्राम करेली एवं मोहगावं पंचायत के बीच मे
चौड़ाई- लगभग 400 मी
लम्बाई- लगभग 3 किमी
यहां प्रशासन की कोई समस्या नही है यह वन विभाग की भूमि है

No comments:
Post a Comment