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Wednesday, March 3, 2021

ब्रेकिंग न्यूज़.. अनुसूचित जनजाति के लोगों के साथ भेदभाव क्यों?





रेवांचल टाईम्स :- शासकीय महाविद्यालय मंहेदवानी में पदस्थ प्राचार्य मनोज कुशवाहा और स्टाफ के ऊपर लगे प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप...

 आदिवासी बाहुल्य जिला डिंडोरी जिला होने के बावजूद अनुसूचित जनजाति के लोगों के साथ भेदभाव क्यों?. डिंडोरी जिले के महेदवानी विकासखंड अंतर्गत शासकीय महाविद्यालय के प्राचार्य एवं स्टाफ पर महाविद्यालय में पदस्थ सहायक प्रधान अध्यापक डॉ मनीषा कोल उम्र 37 वर्ष जाति कोल अनुसूचित जनजाति. द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि प्राचार्य मनोज कुशवाहा डॉ सुरेश प्रसाद पांडे लेख राम कुर्मी अलका अवस्थी द्वारा मुझे लगातार आए दिन जातिगत शब्दों से अपमानित एवं प्रताड़ित किया जाता है और मुझे नीच जाती कहकर हमेशा अपमान किया जाता है और मेरे साथ श्रीमती अलका अवस्थी द्वारा दुर्व्यवहार किया जाता है मेरी पदस्थापना जिस दिन से कॉलेज में हुई है मेरे साथ लगातार जातिगत भेदभाव करती आ रही है और मुझे कहा जाता है कि अगर तुम ज्यादा होशियार बनोगी या शिकायत करोगी तो झूठे मामले में फंसा कर नौकरी से निकाल देंगे और तुम्हें यहां चैन से नौकरी नहीं करने देंगे कहकर मुझे जातिगत अपमानित कर कहने लगी कि तू नीच जाति की महिला हो तुम्हारी जाति को प्रधानाध्यापक पद में नियुक्त का कोई अधिकार नहीं है तुम नीच! जाति की होकर मेरे कार्यालय में आकर बैठती हो मेरे समक्ष कुर्सी में बैठती हो आज से कार्यालय में मेरे समक्ष कुर्सी में नहीं बैठना कहते हुए गंदी गालियां देते हुए जातिगत शब्दों से भी प्रताड़ित किया जाता है जिससे मैं काफी परेशान और प्रताड़ित हूं और इसी के साथ कुछ बच्चों ने भी जातिगत भेदभाव करने की बात मीडिया के सामने प्रमुखता से बताई थी और डॉक्टर मनीषा कोल सहायक अध्यापक का कहना है कि मुझे प्रताड़ित करने के लिए आए दिन जांच टीम बिठा ली जाती है कभी शाहपुरा से तो कभी जबलपुर से टीम आ रही है कह कर हमेशा मुझसे सवाल जवाब किए जाते हैं और जब कुछ लोग जांच पर आते हैं तो मुझे अकेले एक रूम में बिठा दिया जाता है ना जिस रूम में सीसी कैमरा होता है ना ही कोई आता जाता है और मुझसे अकेले ही में ही सवाल किया जाता है और जिससे मैं काफी परेशान और प्रताड़ित हो जाती है डॉ सुरेश प्रसाद पांडे लेख राम कुर्मी अलका अवस्थी एवं प्राचार्य मनोज कुशवाहा मुझे आदिवासी अनपढ़ गवार बोल कर क्रीड़ा समिति स्वामी विवेकानंद समिति एवं व्यक्तित्व विकास के रजिस्टर ओं ने धोखाधड़ी एवं दबाव बनाकर हस्ताक्षर करने की भरपूर कोशिश की जिसका विरोध करने पर एकजुट होकर विभिन्न अधिकारियों को झूठी बनावटी जानकारी देकर मेरे भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं और मेरे लिए कार्यालय में टूटी हुई कुर्सी बाहर रखवा ही जाती है मेरे द्वारा उक्त सभी प्रधान अध्यापक एवं कर्मचारियों और प्रचार से उक्त कृत्य का विरोध करने पर मुझे जान से मार डालने की तथा झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने लगे जिससे मैं भयभीत हो गई हूं जब मैंने उक्त घटना की शिकायत अग्रणी महाविद्यालय, शासकीय चंद्र विजय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ सुभाष कुमार बर्मन को दूरभाष तथा बैठक में प्रत्यक्ष रूप से की थी तो उन्होंने भी अन आवेदक के पक्ष में कह दिया कि तुम्हें नौकरी करनी है तो चुपचाप नौकरी करती रहो और छुट्टी लेकर घर चली जाओ या नौकरी छोड़ दो मैं कुछ नहीं कर सकता अब देखना यह होगा कि डॉ मनीष कोल सहायक अध्यापक की फरियाद कौन सुनता है या उसे हमेशा जातिगत शब्दों से अपमानित और प्रताड़ित होना पड़ेगा।



रेवांचल टाइम्स से प्रमोद पड़वार की खास रिपोर्ट सच के साथ

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