रेवांचल टाइम्स :- आदिवासी बाहुल्य जिला डिंडोरी के अंतर्गत आने वाले विकास खण्ड महेदवानी की ग्राम पंचायत खरगवारा निवासी जगन्नाथ अहिरवार से प्राप्त जानकारी के अनुसार उसका 32 वर्षीय बेटा राजेंद्र अहिरवार और उसकी पत्नी 7 वर्षीय बेटा के साथ महाराष्ट्र के सतारा मजदूरी करने गया हुआ था जिन्हें जिले के कुछ दलालों द्वारा गांव के अन्य लोगों के साथ भेजा गया था मेरे बेटे द्वारा अपने साथी के मोबाइल से मुझे 2 मार्च मंगलवार की रात 8:00 बजे फोन पर बताया गया कि ठेकेदार के आदमी मेरी पत्नी और बेटे को अगवा कर कहीं ले गए हैं और उसी कंपनी में बंधक बना लिया गया है उसी कंपनी से बाहर नहीं निकलने दिया जाता है ठेकेदार के दलालों का कहना है कि अगर कंपनी के बाहर गए तो झूठे मामले में फंसा दिए जाओगे और बीवी भी वापस नहीं आएगी। यदि चुपचाप रही तो एक-दो सप्ताह में तेरी पत्नी वापस आ जाएगी कंपनी से बाहर जाने पर ठेकेदार द्वारा मारपीट की जाती है काम से छुट्टी भी नहीं दी जाती और मजदूरी भी नहीं दी जा रही है जगन्नाथ द्वारा बताया गया कि मेरे बेटे को संजू बघेल पिता बृजलाल निवासी लूटी टोला मोहतरा विकासखंड करंजिया द्वारा बताया गया था कि 500 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी दिलवाने का कहकर बुलेरो में आकर गांव से लेकर गया था मेरे बेटे के साथ गांव के और भी लोग गए थे जोकि ठेकेदार यूनिस खान आदित्य जूस फैक्ट्री सितारा जिला सांगली महाराष्ट्र में काम करने की जानकारी मुझे है पूरी घटना की जानकारी जगन्नाथ अहिरवार ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई और बेटा और उसकी पत्नी और 7 वर्षीय बेटे को उनके चंगुल से मुक्त कराने की मांग की है और इसी के साथ आवेदन में शिकायत संजू बघेल और यूनिस खान के खिलाफ की गई।
रेवांचल टाइम्स से प्रमोद पड़वार की खास रिपोर्ट सच के साथ

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