रेवांचल टाईम्स :- हो रहे विकास में बरेला से निवास मार्ग प्रगति में है ।
पहले मिली जानकारी के अनुसार पेट्रोल पम्प से निवास तिराहे तक डीवाइडर वाली रोड बनाने पर सहमति हुई थी जिसमें ड्रेन भी है। पर इसके लिये पर्याप्त चौड़ाई नहीं थी कारण था लोगों के जमे अवैध टपरे। और यह कल्पना ही रह गई?
इन टपरो को हटाने के लिये विचार विमर्श हेतु नगर परिषद निवास में सर्वदलीय बैठक कर अतिक्रमण हटवाने में सहयोग के लिये निवास सब डीवीजन मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों के भी संज्ञान में लाया गया और फिर सभी विभाग के अधिकारियों ने अपनी सहमति भी दे दी थी।
यह एक अच्छा प्रयास भी था क्योंकि हमारे नगर निवास का विकास हमें ही मिलजुलकर करना होगा।
पर अमूमन ऐसा होता नहीं है? नगर प्रशासन का डंडा गरीब पर ही अच्छा जमता है की तर्ज पर पिछले कई महीने पहले शहपुरा रोड के किनारे जमे पान चाय की दुकानों को उनके पीछे दुकान निर्माण करने के वादे से रेल के डिब्बों की तरह सटाकर रखवा दिया गया जिससे ये गरीब छोटे छोटे दुकानदार अपनी रोजी रोटी से हाथ धोकर आज तक बैठे हुये हैं या दूसरे दुकानदार के यहाँ काम करने मजबूर हैं। और आज दिनांक तक वहाँ कोई भी कार्य शुरू नहीं किया गया?
__वहीँ जहाँ चौड़ी रोड बनने में रोड़े अटका रहे रोड के किनारे जमे टपरो/अतिक्रमणकारियों पर कौन मेहरवान है यह समझ से परे है? या प्रशासन ही नहीं चाहता या क्षेत्रीय जन प्रतिनिधि भी निवास का समुचित विकास नहीं चाहते? या फिर निवास नगर परिषद ही अतिक्रमण कारियों के सामने बेदम हो गई?
__अगर सभी यही चाहते हैं कि ऐसा ही ठीक है। तो हमारी अतिक्रमण वाले दुकानदारों को सलाह है की विश्राम भवन की दीवाल से सटकर नाली (ड्रेन) और रोड मजबूती से बन जाने दीजिये फिर आप अपने टपरे वहीँ जमा लेना। शायद तब भी ऐसे ही प्रशासन आपके साथ रहेगा।

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