केंद्र सरकार द्वारा संचालित केंद्रीय विद्यालयों में बेटियों को प्रवेश और पढ़ाई में विशेष तवज्जो देने का फैसला किया गया है। जुड़वां बेटियां होने पर दो की जगह उनकी सीट एक ही मानी जाएगी। अगर किसी परिवार में सिर्फ एक बेटी है तो उसे भी एडमिशन में प्रमुखता दी जाएगी। वहीं जुड़वां लड़कों को प्रवेश मिलने पर उनकी सीटें दो गिनी जाएगी।
हाल ही में केंद्रीय विद्यालयों के जारी ताजा गाइड-लाइनों में इसका उल्लेख किया है। इन स्कूलों में केंद्रीय कर्मचारियों को बच्चों को प्रवेश में प्राथमिकता देने का भी प्रावधान है। इसके बाद राज्य के कर्मचारियों और फिर अन्य लोगों का नंबर आता है। एसटी-एससी के लिए कोटे का भी प्रावधान है। उन्हें प्रवेश के दौरान हर क्लास में तय उम्र में दो साल की छूट मिलेगी।
केवी की स्थिति
- स्कूल - 36
- छात्र - 30000
- शिक्षक व स्टाफ - 1500
सांसदों का कोटा : केंद्रीय विद्यालयों में लोकसभा सांसदों और राज्य सभा के सांसदों के लिए सीटों का कोटा है। लोकसभा सांसद को उनके क्षेत्र में संचालित हो रहे हर स्कूल में दस सीट तक प्रवेश दिलाने की सुविधा दी गई है। इन सीटों पर उन्हें आवंटित कूपन के आधार पर प्रवेश दिला सकते हैं।
| आरटीई | 25 | 10 सीटें |
| एससी | 15 | 6 सीटें |
| एसटी | 7.5 | 3 सीटें |
| ओबीसी | 27 | 11 सीटे |
(आंकड़े प्रतिशत में )
इसी तरह राज्यसभा सांसदों को भी दस सीटों का कोटा मिला है। पारदर्शिता के लिए सभी स्कूलों को पंजीकृत बच्चों की लिस्ट, योग्य बच्चों की सूची, चयनित बच्चों की अंतिम श्रेणीवार सूची, वेटिंग लिस्ट, उत्तरवर्ती सूचियों को नोटिस बोर्ड पर लगाना और वेबसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है।

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