रेवांचल टाइम्स - केंद्र और राज्य सरकार एक और तो करुणा महामारी से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान चला रही है लेकिन नैनपुर शहर में व्यापक प्रचार-प्रसार होने के बाद भी बहुत कम लोग ही कोरोना वैक्सीन टीकाकरण के लिए पहुंच पाए हैं वहीं टीकाकरण में लगे हुए स्टाफ की कमी के चलते वहां पर भी असर पड़ रहा है।
आज सुबह भी लगभग 60 से 70 लोग रोजाना की तरह लाइन लगाकर अस्पताल के गेट के पास बैठे रहे लगभग एक घंटा व्यतीत होने के बाद भी कोई भी कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं हुआ जिससे लोगों को अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा यह गतिविधि रोजाना सामने आ रही है इस समस्या के चलते लोगों का समय खराब हो रहा है और अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन स्वास्थ्य विभाग के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही और नगर के बीएमओ भी इस लापरवाही का कोई संज्ञान नहीं ले रहे हैं बल्कि वह अपने प्राइवेट क्लीनिक में इतने मग्न हैं कि उन्हें जनता की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है।
बता दें कि नैनपुर चिकित्सालय में कोरोना महामारी में लगे हुए सभी कर्मचारी वापस हो गए हैं अब जितने कर्मचारी बचे हैं उनसे ही स्वास्थ्य सेवा और टीकाकरण का काम लिया जा रहा है लेकिन स्टाफ की कमी के चलते वृद्ध जनों को वार्ड नंबर 14 आईटीआई के पीछे में स्थित 100 बिस्तर अस्पताल में टीकाकरण के लिए यहां-वहां भटकना पड़ रहा है मात्र 3 कमरों में संचालित टीकाकरण को भी यहां का स्टाफ संभाल नहीं पा रहा है।

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