रेवांचल टाइम्स.. डिंडोरी जिला आदिवासी बाहुल्य जिले में नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों द्वारा बरती जा रही भारी लापरवाही गरीब उपभोक्ताओं को शासकीय उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से गुणवत्ता हीन इल्लियां लगा चावल वितरित किए जाने का मामला उजागर होकर सामने आया है जिसमें बाहर जिले से आए घटिया चावल को नागरिक आपूर्ति निगम अधिकारियों द्वारा बिना जांच पड़ताल के लिया गया बल्कि जनता को वितरित किए जाने हेतु शासकीय उचित मूल्य की दुकानों तक भेज भी दिया गया जनता के विरोध के बाद रायपुरा और केवलारी की दुकानों से घटिया चावल वापस गोदाम में जमा करने की पुष्टि निगवानी गोदाम में तैनात गुणवत्ता निरीक्षक ने की वही उनके द्वारा मंडला और बालाघाट से आए चावल को गुणवत्ता हीन और घटिया स्वीकार किया विभाग द्वारा घटिया चावल वितरण करने की बात स्वीकार की .
किंतु.. गोदाम में जांच के बाद भी घटिया चावल कैसे रखा गया यहां तो अपने आप में एक अहम सवाल हैं और इसको वितरित क्यों कर दिया गया इसका जवाब तो नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों के पास नहीं है बहाने अनेक हैं जिनके आधार पर यह अपने आप को बेकसूर साबित करने की हर कोशिश फिर करेंगे स्थानीय राइस मिलों का चावल घटिया बता कर एवं उन्हें तंग कर बाहर के जिलों से चावल मंगवाने के पीछे क्या राज है इसका खुलासा होना अभी बाकी है किंतु सवाल यह अहम है कि जब विभाग के अधिकारी स्थानीय मिलो से चावल जांच करा लेते हैं सब बाहर के जिलों से आया 7500 क्विंटल घटिया चावल शासकीय गोदाम में कैसे? स्वीकार कर लिया और फिर आगे भी लापरवाही करते हुए यहां माल दुकानों तक जैसे भेज दिया गया गोदाम से दुकानों और फिर गोदाम तक भाड़ा कौन वाहन करेगा जाहिर तौर पर यह किराया भी शासन पर ही डाला जावेगा....... आखिर अब किस पर होगी कार्यवाही गोदाम में घटिया चावल के पांच स्टेग को अलग कर इसके वितरण पर रोक जरूर लगा दी गई है जो कि अधिकारियों की लापरवाही उजागर करती है किंतु इस पर कार्यवाही क्या होगी यह तो एक अहम सवाल हैं.... केंद्र के जांच दल ने मंडला बालाघाट के गोदाम में रखे गए चावल को इंसान के खाने योग्य नहीं बताया गौरतलब है कि विगत वर्ष मंडला और बालाघाट जिले के गोदाम में रखी चावल को दिल्ली से आई जांच टीम ने इंसान के खाने योग्य नहीं कहा था फिर भी डिंडोरी जिले में इन्हीं जिलों से चावल मंगवा कर बिना जांच पड़ताल के आदिवासी जनता को इल्लियां लगा चावल वितरित किया जा रहा है जो चावल इन जिलों में आया है जानकारों के मुताबिक यह चावल घटिया और खाने योग्य नहीं है इसकी जांच होनी चाहिए कि डिंडोरी जिले में लाए गए चावल किस वर्ष के हैं और यह किस मंशा से लाया गया है...... राइस मिलर्स ने भी लगाए आरोप जिले की राइस मिलर संघ के पदाधिकारियों ने गोदाम पहुंचकर गुणवत्ता निरीक्षक पर सवाल उठाते हुए विरोध जताया है संघ के पदाधिकारी अविनाश गौतम रमेश राजपाल ने स्थानीय मिलर को अधिकारियों द्वारा जांच के नाम पर परेशान किए जाने और अच्छे चावल को भी खराब बताए जाने तथा मंडला बालाघाट घटिया चावल जिले में बांटे जाने का आरोप लगाया और अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए उच्च स्तर पर इस मामले की शिकायत की है नागरिक आपूर्ति निगम की मनमानी वर्षों से जारी है घटिया सामग्री बिना नापे तौले एवं कम वजन की सामग्री सोसाइटी यों को दी जाती है गोदाम और विभाग में पूरी तरह से भारी लापरवाही सहित मनमानी चरम सीमा पर है जिसका खामियाजा आदिवासी जिले के गरीब भुगतना पड़ता है... नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों की वर्षों से चल रही मनमानी आखिर कब होगी जिले में बड़ी कार्यवाही।
रेवांचल टाइम्स से प्रमोद पड़वार की खास रिपोर्ट सच के साथ


No comments:
Post a Comment