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Thursday, March 25, 2021

प्राचीन श्री हनुमान घाट मे मिली 16 वी शताब्दी कि मूर्ति जीर्णोद्धार कार्य के चालू


रेवांचल टाईम्स :- सिवनी में गत दिवस प्राचीन श्री हनुमान घाट दलसाग़र तालाब सिवनी मे इन दिनो चल रहे पर्यटन,नगर सौंदर्यकरण व स्वच्छता अभियान के चलते हनुमान घाट क जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यकरण कार्य चल रहा है जिसके चलते सामजिक कार्यकर्ता लक्ष्मी कश्यप को शाम 6बजे 16 वी शताब्दी क़ि प्राचीन प्रतिमा प्राप्त हुई जिसे उन्होने सुरक्षित रख कर इसकी सूचना जिला पुरातत्व संग्रहालय सिवनी को दे दिया

         दलसाग़र तालाब के सौंदर्यकरण एवं घाटो के जीर्णोद्धार पर विगत 1999से अग्रसर सामजिक कार्यकर्ता ऩे बताया क़ि प्राचीन श्री हनुमान घाट मे आध्यत्मिक आस्था क केन्द्र अनादि काल से रहा जिसके चलते अनेको मान्यता उस घाट से जुड़ी हुई है इस घाट पर प्राचीन मूर्तियो के रख रखाव के ना होने से जिला पुरातत्व संग्रहालय सिवनी मे सुरक्षित रखा गया है उन्होने बताया क़ि अति प्राचीन घाट पर 15व 16 वी शताब्दी क़ि  धर्म समन्वय शिल्प (मूर्ति)जिसमे शिव पद्मनाशन चतुर्भुजा, जैन संस्कृति प्रतीक, शेष सैंया पर विष्णु शयन आसन, वेण्गु गोपाल (कृष्ण जी) नृत्य करते शिल्प के अतिरिक्त उमा महेश्वर के साथ सेवा क समुदाय जो विविध वाघ यंत्रो मे नृत्य करते हुए शिल्प थी इसके अतिरिक्त अन्य मूर्तिया भी है इस समय काल क़ि एक मूर्ति गत दिवस प्राप्त हुई

          सामजिक कार्यकर्ता लक्ष्मी कश्यप कश्यप ऩे बताया क़ि मान्यता एवं जानकरी अनुसार 13 व 14 शताब्दी को मंडला के गौण शासक एवं वीरांगना रानी दुर्गावती ऩे अपने पति दलपत शाह के नाम पर दलसाग़र तालाब क निर्माण कराया था जिसके चलते प्राचीन श्री हनुमान घाट के समीप उस समय समीप स्थल से नहर से पानी क़ि निकासी हुआ करती थे और आस्था व सनातन हिन्दू संस्कृति क़ो ध्यान मे रखकर उक्त स्थल पर मूर्तिया स्थपित किया गया था तभी अंग्रेजो के शासन काल मे तत्कलीन 1864 को कर्नल थामसन ऩे दलसाग़र तालाब के तीनो और एक मध्य किनारे पर घाटो को जीर्णोद्धार व निर्माण कराया और वर्तमान प्राचीन श्री हनुमान घाट पर लगी हिन्दू सनातन संस्कृति क़ि मूर्तियो को व्यवस्थित स्थापित कराया था समय के चलते अव्यवस्था के करण मूर्तियो को जिला संग्रहालय सिवनी मे ले जाया गया

           लक्ष्मी कश्यप ऩे बताया क़ि 1983 को तत्कलीन कलेक्टर एम. राजन ऩे इसकी सुध ली और गहरीकरण कार्य कराया वही विगत सन 2010-11को इस तालाब क पुनः गहरी करण और सौंदर्यकरण किया गया किन्तु विसर्जन घाटो के जीर्णोद्धार क़ो अनदेखा किया गया करोडो क़ि राशि सौंदर्यकरण के नाम पर भ्रष्टाचार और लीपा पोती कार्य के चले भेट चढ़ गई

         कश्यप ऩे बताया क़ि इन दिनो शारदा एवं द्वारका पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महराज के प्रेरणा एवं सानिध्य आशीर्वाद से इन दिनो प्राचीन श्री हनुमान क राष्ट्र नवनिर्माण, पर्यटन, नगर सौंदर्यकरण व स्वच्छता अभियान के अंतगर्त विकास निर्माण कार्य चल रहा है जिसमे जिला प्रशासन, जिला पुलिस प्रशासन, नगर पालिका परिषद, सिवनी विधायक, जिला भाजपा अध्यक्ष, विभिन्न राजनैतिक संघठन से जुड़े लोग, पत्रकार बंधु, सामजिक,धार्मिक, खेल संस्थाए व विभंन व्यापारी संघठन व स्थानीय नागरिको के सयुक्त पहल व सहयोग से कार्य अग्रसर है।

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