रेवांचल टाइम्स - जनपद पंचायत सिवनी अंतर्गत ग्राम पंचायत पीपरड़ाही में सचिवों की लापरवाही के कारण हितग्राही को सालभर से भी अधिक समय तक शासन से मिलने वाली सुविधाओं से रहना पड़ा वंचित।
लापरवाही पूर्वक सचिवों द्वारा जीवित व्यक्तियों को लापरवाही बरतते हुए मृत घोषित कर राशन परची से नाम काट दिया गया जब लोगों को राशन मिलना बंद हो गया तो उनके द्वारा पता करने पर पता चला कि उनका नाम सर्वे में काट दिया गया है और उनको मृत घोषित कर दिया गया है।
हितग्रही जब पंचायत पहुचे तो सचिव रोजगार सहायक से मिलने की बात कहते थे और जब रोजगार सहायक से मिलते तो वो सचिव से मिलने को कहते हताश होकर हितग्रही को जनसुनवाई में शिकायत करने के बाद कलेक्टर साहब के मामले की जांच कराने के बाद इसपर सचिवों को नोटिस दिया गया।
वर्तमान में हितग्रही को खाद्यान्न पर्ची तो मिल गई है।
अब सवाल उठता है कि
1 इतनी बड़ी लापरवाही करने वाले सचिवों पर क्या कार्यवाही होती है
2 क्या सिर्फ नोटिस से ही काम चल जाता है
3 हितग्रही को जो 1 साल से अधिक समय से जो लाभ नही मिला पंचायत की गलती के कारण उसका क्या होता है।
4 कही इस पंचायत में इस तरह के और मामले तो नही।
इस संबंध में उनका कहना है कि
व्यक्तियों को मृत बतला कर खाद्यान्न पर्ची में नाम काटे जाने का मामला जनसुनवाई में आया था इस मामले में जनपद पंचायत सीईओ द्वारा सचिव को प्रत्यक्ष बुलाकर जानकारी ली गई थी उन्हीं के स्तर से इस मामले में कार्यवाही की जा रही है।
सनत मिश्रा जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी सिवनी
उनका कहना है कि
जिन भी व्यक्तियों के नाम दर्शा कर खाद्यान्न पर्ची से निरस्त हुए हैं उनके नाम जोड़ दिए गए हैं इस मामले में संबंधित सचिव एवं रोजगार सहायक को नोटिस जारी कर 7 दिनों में जवाब मांगा गया है।
आरके कोरी सीईओ जनपद पंचायत सिवनी
विनोद दुबे के साथ रेवांचल टाइम्स की एक रिपोर्ट

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