सामुदायिक 100 बिस्तर अस्पताल बनने की वजह से अतिक्रमण कारी अवैध कब्जा कर शासकीय भूमि पर पक्का निर्माण कर रहे हैं जिससे भविष्य में ,भोजनालय, दवाई दुकान, लॉज इत्यादि संचालित किया जा सकता है। शासकीय जमीन पर किए जा रहे अंधाधुंध अवैध कब्जा की ओर जल्द ही अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया तो इनका अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। इसलिए अधिकारियों से नगर के लोगों ने अवैध कब्जा हटाए जाने की मांग की है। नगर वासियों का कहना है कि राजस्व विभाग के अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी इन माफियाओं पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
एक तरफ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री चीख चीख कर कह रहे हैं की "अवैध निर्माण करने वाले सावधान हो जाएं वरना जमीन के अंदर तक गाड़ दूंगा" लेकिन मुख्यमंत्री जी की इस चेतावनी का असर नैनपुर नगर के भू माफियाओं पर होता नहीं दिखाई दे रहा है और ना ही प्रशासन इस ओर ध्यान दे रहा है जिससे भूमाफिया के हौसले काफी बुलंद है और बिना किसी की रोक टोक के यह निरंतर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर रहे हैं।
अधिकारी कब्जा हटाने की बजाय दे रहे हैं संरक्षण
नपं के अंतर्गत आने वाली वार्ड नंबर 14 की शासकीय जमीन पर दबंग लोगों द्वारा किए जा रहे अवैध कब्जा पर नपं व राजस्व अधिकारियों द्वारा कब्जा करने वालों पर कार्रवाई करने की बजाय उन्हें संरक्षण दिया जा रहा हैं। स्थिति यह है कि इन कब्जा धारियों को बिजली-सड़क-पानी और शौचालय की सुविधा नगर पालिका द्वारा दी गई है जिससे लगता है कि कब्जा वालों को अधिकारी अपना पूरा संरक्षण दे रहे हैं।
अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए
नैनपुर नगर परिषद वार्ड नंबर 14 क्षेत्र में सैकड़ों भवन शासकीय जमीन पर बन गए हैं जिनकी कोई स्वीकृति या निर्माण की मंजूरी नहीं दी गई है जो गलत है अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए।
अतिक्रमणों के खिलाफ एसडीएम के निर्देश पर शीघ्र ही अभियान चलाकर उन्हें हटाया जाए। इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जानी चाहिए।


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