रेवांचल टाईम्स :- आदिवासी बाहुल्य मण्डला जिले की विकास खंड घुघरी बस स्टैंड आज भी विकास और बुनियादी सुविधाओं के लिए मोहताज है कहने को तो यह विधायक का गृह ग्राम है यह विधायक का दूसरा कार्यकाल है फिर भी घुघरी बस स्टैंड बुनियादी सुविधाओं से कोसो दूर है वही स्थानिए व्यपारियो का कहना है कि बस स्टैंड की बुरे हालात और दुर्दशा को लेकर विधायक जी से कई बार निवेदन कर चुके है लेकिन आज तक बस स्टैंड की दुर्दशा पर कोई सुधार नही हुआ चारों तरफ कचरा और जगह जगह गंदगी फैली हुई है। पर जिम्मेदारो को यह गंदगी दिख ही नही रहा है। वही अव्यवस्था से भरा पड़ा है न बस स्टैंड में यात्रियों के बैठने के लिए व्यवस्था है, और न ही पीने की पानी के लिए कोई सुविधा है चारों तरफ धूल ही धूल और गंदगी। आने जाने वाले यात्रियों को अनेक प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वही बारिश के समय में बस स्टैंड कीचड़ में तब्दील हो जाती है यात्री और स्थानीय लोगों को बेहद मुश्किलो का सामना करना पड़ता है कीचड़ के चलते बस स्टैंड में चलने लायक भी नही रहता। इतनी परेशानियों बाद भी लोग सहन कर लेते है यहीं सोच कर की आने वाले खुले मौसम में बस स्टैंड बन जायेगा पर हमारे साथ हर साल धोका ही होता है और निराशा ही हाथ लगती है वही कुछ लोगो का कहना है कि अगर विधायक गृह ग्राम के बस स्टैंड की हालात इतनी दयनीय और बुरे स्थिति में है तो इससे अंदाज़ लगाया जा सकता है कि पूरे विधानसभा की हालात क्या होगी आज भी बिछिया विधानसभा में ऐसे गांव है जहाँ मुलभूत सुविधाओं से वंचित है न ही पीने के पानी मिल पा रहा है और न ही शासन से मिलने वाली योजनाओं का लाभ मिल पा रहा है और भ्रष्टाचार चरम सीमा में हो रहा है सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार केवल उन्हीं लोगों को फ़ायदा हो रहा है जो विधायक के करीबी है और ग्राम पंचायतों में फर्जी बिल लगाकर भुगतान किया जा रहा है गरीब लोग यहाँ वहाँ भटकते रहते है ग्रामीण छोटी छोटी सुविधाओं और मुलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे है।
जिले में सबसे ज्यादा मजदूरों का पलायन विकास खंड घुघरी से
आपको बता दे कि मण्डला जिले का बड़ा दुर्भाग्य है कि जिले से हजारों के संख्या में मजदूर पलायन करते है और जिले में सबसे ज्यादा घुघरी विकास खंड के मजदूर होते है क्योंकि लोगो के लिए कोई काम धंधे नही है जिले की हर पंचायतों में सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, तीनो मिलकर जनता के पैसे का दुरुपयोग करते है जिले के ऐसा कोई पंचायत नही जहाँ पर भ्रष्टाचार नही हो रहा हो है और फर्जी बिल लगाकर धड़ल्ले से भुगतान किया जा रहा है पर अधिकारी और नेता मोटी रकम के चक्कर मे मौन धारण कर लेते है इसलिए सरपंच सचिव के हौसले बुलंद होते है और भ्रष्टाचार के ऊपर भ्रष्टाचार करते हैं और भ्रष्टाचार में अधिकारी से लेकर बड़े नेता भी शामिल होते है और यहीं नही जनप्रतिनिधियों ने पंचायतों में अपने चेला चपाटियों को ठेकेदारी करवा रहे है काम के बदले मोटा कमीशन खा रहे है साथ पंचायत के पैसे को जनता के हक मार कर अपने घर के काम काजो में उपयोग करते हैं जिससे उस पंचायत के लोगों को कोई काम नही मिलता और मजबूरी में मजदूर पलायन करने को मजबूर हो जाते है यही कारण है कि जिले में सबसे ज्यादा मजदूरों का पलायन घुघरी ब्लॉक से ही होता है क्योंकि गाँवो में कोई काम नही है। और भाषणों ही विकास हो रहा है। पर जनता है सब जानती है।



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