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Wednesday, January 27, 2021

गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन का संकल्प लिया ....



सिवनी/धूमा - 72 वें गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम आंदोलन के सदस्यों के द्वारा एकजुट होकर गणतंत्र दिवस समारोह मनाया गया साथ ही समस्त कर्मचारियों के द्वारा पुरानी पेंशन बहाली का संकल्प लिया गया जिले के लखनादौन तहसील क्षेत्र के धूमा में  पेंशन बहाली आंदोलन को लेकर सभी विभागों के कर्मचारियों की सामूहिक बैठक का आयोजन किया गया बैठक में प्रदेश अध्यक्ष परमानंद डेहरिया की उपस्थिति में हर विभाग के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया जहां पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन को लेकर बातें रखी गई जिसमें मध्य प्रदेश शासन के द्वारा 2005 में राज्य के कर्मचारी अधिकारियों की पुरानी पेंशन स्कीम बंद करके एनपीएस नेशनल पेंशन स्कीम लागू कर दी गई है सन 2005 के बाद शासकीय सेवा में आए संपूर्ण मध्यप्रदेश के कर्मचारी अधिकारी की ओपीएस ओल्ड पेंशन स्कीम समाप्त कर दी गई  और शेयर बाजार आधारित एनपीएस नेशनल पेंशन स्कीम शुरू कर दी गई  इसमें मध्यप्रदेश शासन राज्य के  कर्मचारी अधिकारी का संपूर्ण वेतन का 10% अंशदान एवं मध्य प्रदेश सरकार का 10% अंशदान मिलाकर शासन शेयर बाजार में लगाने के लिए निजी कंपनियों के हाथ में कर्मचारियों की कमाई वेतन सौंप दी जा रही है और निजी कंपनी अधिकारी कर्मचारियों का पूरा पैसा शेयर बाजार में लगा दिया जाता है । और जब कर्मचारी अधिकारी सेवानिवृत्त होते हैं तब 60% राशि का भुगतान 30% टैक्स काटकर किया जा रहा है और सिर्फ 40% राशि को शेयर बाजार में लगाते हैं जिससे उसी राशि की आय से कर्मचारी अधिकारी को पेंशन मिलनी है नवीन पेंशन योजना में 62 वर्ष की आयु तक सेवा करने वाले कर्मचारी अधिकारी को प्रतिमाह 1500- 1800 या फिर 25 सो रुपए पेंशन प्राप्त हो रही है इतनी कम पेंशन राशि में कर्मचारियों का सम्मान पूर्वक जीवन जीना बहुत मुश्किल हो रहा है इसी बात को लेकर सन 2017 से भारत के सभी राज्यों में नेशनल मूवमेंट फॉर के बैनर तले राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु के नेतृत्व में संपूर्ण भारत और साथ ही मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष परमानंद डेहरिया के नेतृत्व में कर्मचारी अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली के आंदोलन में लगे हुए हैं। राजनीतिक दलों ने पेंशन बहाली को अपना चुनावी मुद्दा बनाया और कर्मचारी अधिकारियों का विश्वास जीता और सत्ता भी हासिल कर ली परंतु कर्मचारी अधिकारी फिर भी सड़क पर आंदोलन करने के लिए मजबूर हैं । प्रदेशों में बैठे विपक्ष के राजनीतिक दलों का भी समर्थन प्राप्त हो चुका है परन्तु सरकार की दोगली नीति के खिलाफ प्रदेश के कर्मचारी अधिकारी अब आंदोलन की राह पकड़े हुए हैं। संपूर्ण भारत के सांसद विधायको को एक नहीं बल्कि दो-दो तीन-तीन कार्यकाल की पेंशन मिल रही है परंतु अपने 62 वर्ष की आयु तक सेवा देने वाले कर्मचारी अधिकारियों को सम्मान पूर्वक एक ही पेंशन मिलना मुश्किल हो रहा है और शायद यही कारण है कि अब प्रदेश के हर विभाग के कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन में भाग लेने के लिए आगे आ रहे हैं और इसी काम में गणतंत्र दिवस के अवसर में भी कर्मचारी एकजुट होकर पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन की रूपरेखा बनाने के लिए एकजुट होकर अब संकल्प  लेकर आंदोलन की राह चलने तैयार हो गए हैं।

वही 31 जनवरी 2021 दिन रविवार को सुबह 11:00 से 5:00 तक राशि लोन कचहरी चौक सिवनी में पेंशन अधिकार सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है जिसमें एनएमओपीएस नेशनल  मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम राष्ट्रीय  आंदोलन में समस्त पेंशन विहीन कर्मचारी अधिकारी अलग-अलग जिलो से पहुंचने जा रहे हैं। पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन में भाग लेने के लिए प्रदेश के समस्त विभागों के कर्मचारी और अधिकारी बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं और उनका मानना है कि पेंशन हक लेकर वह जरूर रहेंगे। लखनादौन के धूमा में आयोजित बैठक में प्रदेश अध्यक्ष परमानंद डेहरिया केवलारी से मुकेश बघेल, गुलाम नबी खान,  , प्रेमलाल परते, घनश्याम झारिया, आसाराम झारिया ,रमाकांत चौकसे, भगवानदास  झारिया ,कमल सिंह भगदिया, कुंवर सिह चीचाम,  देवसिंह उड़ाली,  शिवप्रसाद सैयाम,बृजलाल नरेती, टेकसिंह परस्ते,दीपक साहू ,रूपलाल करपे, राकेश डेहरिया, विनोद भगत, गुरुदयाल गोल्हानी, पूरन लाल बर्मन, रामकिशोर, सुमित लाल नायक, गोविंद झारिया, मधु मरावी, शिव कुमार मरकाम, सुशील पटेल, सुरेंद्र सर्वे, अयोध्या उईके,  अंबुज शुक्ला, पीके  जैन,  नीरज  शिवहरे, राजेश तिवारी, अभय सोनी, सतीश सोनी,संदीप उपाध्याय, पीएस जबरिया,पुरुषोत्तम डेहरिया ,रमेश कुमार, जागेश्वर यहके, कैलाश डेहरिया,  किशोर यादव, सुभाष कुमार,पूरनलाल झारिया, श्रीमती ममता शिवहरे, श्रीमती नंदनी मिश्रा, श्रीमती किरण पटले, श्रीमती सीमा ठाकरे एवं सविता इनवाती के साथ अन्य विभागों के कर्मचारी उपस्थित थे।

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