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Saturday, January 23, 2021

मोदी के नाम पर वोट मांगने वाले मोदी की जन हितेषी योजनाओं का लाभ जनता को दिलाने में नाकामियाब




रेवांचल टाईम्स :- ‪प्रधानमंत्री जन औषधि योजना भारत के प्रधानमंत्री ‪नरेन्द्र मोदी‬ द्वारा ‬1 जुलाई 2015 को घोषित एक योजना है। इस योजना में सरकार द्वारा उच्च गुणमवत्ता वाली जैनरिक (Generic) दवाईयों के दाम बाजार मूल्य से कम किए जा रहें है। सरकार द्वारा 'जन औषधि स्टोर' बनाए गए हैं, जहां जेनरिक दवाईयां उपलब्ध करवाई जा रही है।


जेनरिक दवाईयां ब्रांडेड या फार्मा की दवाईयों के मुकाबले सस्ती होती है, जबकि प्रभावशाली उनके बराबर ही होती है। प्रधानमंत्री जन औषधि अभियान मूलत: जनता को जागरूक करने के लिए शुरू किया गया हैं ताकि जनता समझ सके कि ब्रांडेड मेडिसिन की तुलना में जेनेरिक मेडिसिन कम मूल्य पर उपलब्ध हैं साथ ही इसकी क्वालिटी में किसी तरह की कमी नहीं हैं। साथ ही यह जेनेरिक दवायें मार्केट में मौजूद हैं जिन्हें आसानी से प्राप्त किया जा सकता हैं।


इस योजना में आम नागरिकों को बाजार से 60 से 70 फीसदी कम कीमत पर दवाइयां मुहैया कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार देशभर में 1000 से ज्यादा जन औषधि केंद्र खोलेगी।

आम जनता के लिए जन औषधि केंद्र काफी मददगार साबित हो रहा है। देखा जाए तो सरकार के लाभ प्रयास के बाद भी मरीजों का शोषण रूकने का नाम नहीं ले रहा है।


शासन के निर्देश के बावजूद चिकित्सकों में कोई सुधार नहीं हुआ है। आलम यह है कि निजी प्रेक्टिस से लेकर बाहर की दवाएं लिखना उनके आदत में शामिल हैं। लाख सर्तकता के बाद भी मरीजों का शोषण होता रहता है। 

- नैनपुर नगर के निवासीयों का कहना है कि मरीज को लेकर जाने के बाद जब हम डाक्टर से जन औषधि केंद्र की दवा लिखने को कहते हैँ, तो जवाब होता है कि वह दवा काम नहीं करती। अगर ठीक होना है तो बाहर की अच्छी दवा खाओ।


वैसे तो नैनपुर नगर पालिका से लेकर केंद्र सरकार तक भाजपा की सरकार है और नगर के जनप्रतिनिधि मोदी के नाम का सहारा लेकर नगर में वोट मांगने निकल जाते हैं और नगर की जनता उन पर विश्वास करके अपना बहुमूल्य मत देती है और उन्हें विजई बनाती है लेकिन केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ दिलाने की जब बारी आती है तो नगर के प्रतिनिधि हमेशा गायब दिखाई देते हैं। मोदी सरकार द्वारा ऐसी अनेकों योजनाएं हैं जिसका फायदा जनता तक नहीं पहुंच पाता है, और केवल सरकारी कर्मचारी एवं राजनेताओं के द्वारा इन योजनाओं का लाभ लेकर अपनी जेबें भरी जाती है।


एक ऐसी ही बेहतर योजना जन औषधि केंद्र के रूप में मोदी जी द्वारा चलाई गई है जिसका प्रचार प्रसार स्वयं देश के प्रधानमंत्री मोदी करते हैं लेकिन इस योजना का लाभ उन्हीं की पार्टी के कार्यकर्ता जनता तक पहुंचाने में असमर्थ नजर आ रहे हैं। 

एक तरफ यह मोदी के नाम का सहारा लेकर वोट मांगते हैं, और जीत हासिल करते हैं लेकिन उसी मोदी द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ देने की जब बारी आती है तो यह केवल अपने स्वार्थ और स्वयं के विकास के लिए सोचते हुए जनता का शोषण करते हैं और जनता को फायदा पहुंचाने वाली इन योजनाओं से कोसों दूर रखते हैं। 

जन औषधि केंद्र एक ऐसी योजना है जिसकी सहायता से नगर में एक जन औषधि केंद्र खोला जाए जिसमें लगभग ढाई सौ प्रकार की दवाइयां उपलब्ध की जाती है और मार्केट रेट से 60 प्रतिशत कम दाम में कम दवाइयां मरीजों को आसानी से प्राप्त हो जाती है।

जिससे आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब मजदूर व्यक्ति को ज्यादा धन खर्च ना करते हुए कम दाम में अच्छी से अच्छी दवाइयां उपलब्ध हो जाती हैं। 

लेकिन हमारे नगर के प्रतिनिधि नगर में जन औषधि केंद्र खुलवाने में असमर्थ नजर आ रहे हैं वैसे तो ऐसे कई एनजीओ हैं जो भाजपा से जुड़े हुए हैं उनकी मदद से यह योजना आसानी से नगर में खुलवा कर जनता तक इसका लाभ पहुंचाया जा सकता है।लेकिन इस ओर किसी भी राजनेता या प्रतिनिधि का ध्यान नहीं जाता और निरंतर गरीब मजदूर परिवार वर्ग महंगी दवाइयां लेने में मजबूर हो रहा है।

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