रेवांचल टाईम्स :- नैनपुर में अस्पताल का हाल बेहाल है,अस्पताल खुद बीमार की तरह स्ट्रेचर पर चल रहा है.ऐसा नजारा नैनपुर अस्पताल में निरंतर देखने को मिल रहा है वैसे तो नैनपुर अस्पताल को रेफर सेंटर के नाम से जाना जाता है. अस्पातल में ऐसी अव्यवस्था है कि मरीजों का इलाज तक नहीं हो पाता है. समय पर इलाज नहीं मिलने से मरीज परेशान हो रहे है इसके लिए जिला प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार है एक तरफ देखा जाए तो नैनपुर नगर अस्पताल में चिकित्सक तो है लेकिन इस अस्पताल में टेक्नोलॉजी जैसी सुविधाओं कि अधिक कमी है।जिसकी वजह से चिकित्सक भी मजबूर होकर अपने हाथ खड़े कर देते हैं और मजबूरन उन्हें मरीज को रेफर करना पड़ता है। जिसकी वजह से कई बार रास्ते में ही मरीज दम तोड़ देता है। जिससे परेशान होते हैं मरीज के घरवाले।
लेकिन यह सब स्थिति जानने के बाद भी नैनपुर नगर के जनप्रतिनिधि की आंखों में शर्म का पानी तक नहीं दिखाई देता वोट मांगते समय वह जनता से अनेकों वादे करते हैं लोगों के पैरों पर गिर जाते हैं लेकिन जनता का बहुमूल्य मत पाने के बाद एवं जीत हासिल करने के बाद वह अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं करते केवल कमीशन का खेल पूरे पंचवर्षीय समयकाल में देखने को मिलता है और फिर प्रतिनिधि जनता की नजरों से ओझल हो जाते हैं।
नगर में अस्पताल की व्यवस्थाओं को देखते हुए नगर के जनमानस नें 100 बिस्तर अस्पताल की मांग की थी जिसे पूर्ण करने का वादा दिया था मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने और काफी हद तक वह वादा देर सबेर पूरा भी हुआ लेकिन केवल 100 बिस्तर अस्पताल की बिल्डिंग बनकर ही तैयार हुई है वह भी करीबन 10 वर्षों में परंतु आज तक इस अस्पताल का शुभारंभ नहीं किया गया जिसकी वजह से जनमानस में काफी आक्रोश का विषय बना हुआ है। नैनपुर नगर की जनता को उच्च स्वास्थ्य व्यवस्था के अभाव में अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।लाख पूछने पर भी जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी इस विषय में अपनी कोई राय नहीं देते एवं गैर जिम्मेदाराना जवाब देते हुए कहते हैं
कि अभी इस अस्पताल में किसी प्रकार की सुविधा नहीं की गई है और जिला प्रशासन की ओर से किसी प्रकार का आदेश या अधिकारिक पुष्टि नहीं होने की वजह से हम इस अस्पताल को प्रारंभ करने में असमर्थ है।केवल अपना पल्ला झाड़ते हुए सभी जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी गैर जिम्मेदाराना जवाब देते हैं जिससे नैनपुर नगर की जनता को इलाज के अभाव में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।एवं रिफर सेंटर बने हुए नैनपुर अस्पताल की वजह से लोगों को नागपुर,जबलपुर की ओर जाना पड़ता है जहां प्राइवेट अस्पतालों में डॉक्टर एक आम आदमी का खून चूस लेते हैं। सक्षम एवं आर्थिक दृष्टि से मजबूत व्यक्ति अपने परिवार जनों का इलाज अधिक से अधिक रकम खर्च करके प्राइवेट अस्पतालों में करा लेता है।लेकिन मध्यम वर्गीय एवं गरीब परिवार जो केवल सरकारी अस्पतालों के भरोसे ही रहते हैं उनके पास इतनी रकम नहीं होती जिसकी सहायता से वह बड़े शहरों में जाकर प्राइवेट इलाज करवा सकें उन्हें आर्थिक दृष्टि से कमजोर होते हुए अपने परिवार जनों को खोना पड़ जाता है जो कि एक बहुत ही चिंता का विषय है।लेकिन इस और हमारे नगर के जनप्रतिनिधि एवं जिला प्रशासन और नगर प्रशासन ध्यान नहीं देते उनकी आंखों में शर्म का पानी दिखाई नहीं देता बेशर्मी की सभी हदें पार कर चुके हैं नगर के प्रतिनिधि एवं नगर प्रशासन।
नगर से कुछ दूरी पर बालाघाट रोड पर बनाया गया 100 बिस्तर का अस्पताल बनकर पूर्णता तैयार हो चुका है लेकिन सुविधाओं के अभाव में यह अस्पताल अभी तक प्रारंभ नहीं किया गया है मंडला जिले के सांसद कुलस्ते जी द्वारा अधिक बार नैनपुर नगर का दौरा किया गया और उनके द्वारा अधिक बार कहा भी गया है कि बहुत जल्द ही इस अस्पताल का शुभारंभ उद्घाटन समारोह किया जाएगा लेकिन आज तक किसी भी प्रकार का समारोह एवं इस अस्पताल को प्रारंभ नहीं किया गया है जिससे नैनपुर नगर की जनता में भारी आक्रोश है और इलाज के अभाव में अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है नैनपुर नगर के बीचो बीच जो अस्पताल उपस्थित है वह मध्यमवर्गीय एवं गरीब परिवार के लिए केवल अभिशाप है जिसे रिफर सेंटर के नाम से भी जाना जाता है अगर देखा जाए तो इसमें अस्पताल प्रबंधक की कोई गलती नहीं है क्योंकि इस अस्पताल में सुविधाओं की अधिक कमी देखी गई है जिसकी वजह से चिकित्सक मरीजों का इलाज करने में पूर्णता सफल नहीं हो पाते।
नैनपुर नगर की जनता की निरंतर मांग बढ़ रही है कि नगर में बनकर तैयार हुए 100 बिस्तर अस्पताल को जल्द ही प्रारंभ किया जाए जिससे नगर में मध्यम वर्ग एवं गरीब परिवार को उच्च चिकित्सा की कमी का अभाव ना झेलना पड़े।

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