कहो तो कह दूँ = धिक्कार हैं भारत के 'रिश्वतखोरो' सिर्फ 'एशिया टॉप' कर पाए - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

रेवांचल टाइम्स अखबार पाठकों से अनुरोध करता है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें.. ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें... साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए.. प्रकाशन हेतु ख़बरें, विज्ञप्ति मोबाइल- 9406771592 पर व्हाट्सएप्प करें

Monday, December 7, 2020

कहो तो कह दूँ = धिक्कार हैं भारत के 'रिश्वतखोरो' सिर्फ 'एशिया टॉप' कर पाए



रेवांचल टाईम्स - भारत के तमाम रिश्वतखोरो तुमको धिक्कार है, कब से मेहनत कर रहे हो पर अभी  तक रिश्वतखोरी के मामले में सिर्फ एशिया में ही अव्वल आ पाए हो, हर चीज में रिश्वत, हर सरकारी दफ्तर  में  रिश्वत, उसके बाद भी अभी तक विश्वविजेता  नहीं बन पाए, तमाचा सा मार दिया है तुम लोगों ने इस देश के मुंह पर, हजारों सरकारी दफ्तर और उसमें काम करने वाले लाखों सरकारी कर्मचारियों को इसलिए नौकरी दी थी कि  तुम लोग देश को  सबसे  आगे ले जाओगे पर आम आदमी को लूटने की इतनी आजादी देने के बाद भी रिश्वतखोरी में तुम लोग कोई ऐसा रिकार्ड नहीं बना जिसको लेकर हम सब अपना सर ऊंचा करके कह सकें कि देखा रिश्वतखोरी में हम पूरी दुनिया में सबसे ऊंची पायदान पर है अभी तक तो हम लोग बेबजह इस बात को लेकर खुश थे कि रिश्वतखोरी में भारत का कोई मुकाबला नहीं है लेकिन हाल ही में 'ट्रांसपेरेसी इंटरनेशनल' के एक सर्वे में ये पता लगा कि भ्र्ष्टाचार के मामले में अपना हिंदुस्तान सिर्फ  एशिया भर में सबसे अव्वल है यंहा  घूसखोरी  की जो दर है वो 39 फीसदी है, इस रिपोर्ट के आने के बाद तो अब ये लगने लगा है कि हम बेकार में ही अपने आप को सूरमा  समझ रहे थे,  घूसखोरी के मामलों में अभी दुनिया के  रिश्वतखोरी वाले देशों से हम काफी पीछे  हैं अकेले एशिया को जीत कर अपने 'गाल बजाने' से बेहतर तो ये है कि  हम उन देशों में अपने देश  के रिश्वतखोरों  का एक 'डेलिगेशन' भेजें  और उनसे सीखें  कि वे दुनिया में  फर्स्ट  आने के लिए  रिश्वत  लेने के कौन कौन से नए  तरीके ईजाद  करते हैं क्योकि अभी हमें और आगे जाना है हमारी 'नाक' तब बचेगी जब हम सीना ठोंककर ये कह सकेंगें  कि हम रिश्वतखोरी और घूसखोरी में पूरी  दुनिया  में 'नंबर  वन' हो चुके है ये प्रतिशत जो अभी 39 पर टिकी हुई है उसे भी हमें और तेजी से बढ़ाना है जंहा जंहा किसी कारणवश रिश्वतखोरी नहीं हो पा रही है वंहा भी हमें नयी खोज करना होगी कि  उन विभागों में भी रिश्वतखोरी शुरू की जा सके l इधर अपने प्रदेश यानि मध्यप्रदेश के बारे  में भी एक रिपोर्ट आई है कि मध्यप्रदेश में हर दूसरा आदमी रिश्वत दे रहा है अब ये रिश्वत खोरों की जिम्मेदारी है कि उन पहले आदमियों का पता लगाए जो 'साले'  रिश्वत नहीं दे रहे हैंl ये तो बड़ी अजीब बात है कि जब एक आदमी रिश्वत दे रहा है तो दूसरा क्यों इससे वंचित रहे, सबको हक़ है इस सूची में शामिल होने का और जो शामिल नहीं है उन्हें  शामिल करवाना भी नेताओं, अफसरों, कर्मचारियों का सबसे पहल कर्तव्य होना चाहिए, उन लोगों का पता लगाओ जो रिश्वत नहीं दे रहे है और उन्हें  समझाओ कि देखो भैया  अपने प्रदेश का नाम डूब रहा है तुम रिश्वत न देकर प्रदेश के शिष्टचार में रोडे अटका  रहे  हो, तुम्हारा कर्तव्य है कि तुम लोग भी उनके साथ आ जाओ जो  रिश्वत देते आये है, दे रहे हैं, और देते रहेंगे l अपनी रिश्वतखोरों से एक ही मार्मिक अपील है कि हे रिश्वतखोरो कुछ भी करो, ट्रेनिंग लो, दूसरे रिश्वतखोरों को अपने साथ जोड़ो, कुछ नयी स्कीम निकालो लेकिन अगली बार अपने को रिश्वतख़ोरी के मामले में पूरी दुनिया में 'टॉप' करना हैं  ये बात गाँठ बाँध लो यदि सच्चे देशभक्त हो तो ये पूरा करके बताना समझ गए न l


   किससे  पंगा ले लिया इंजीनियर साहेब 


 ग्वालियर पीडब्लूडी विभाग के एक कार्यपालन यंत्री को इतनी भी अकल नहीं थी कि  वो जिसको बंगला खाली करने का नोटिस भेज रहा है वो कौन सी  हस्ती है, नोटिस भेजने के पहले कम से कम अपने विभाग के लोगों से ही पूछ लेते कि जो बंगला खाली करवाना है उसमें अभी कौन 'विराजमान' है हुआ क्या, इधर आपने बंगला खाली करने का नोटिस दिया उधर आपकी कुर्सी खाली हो गयी, रातों रात भोपाल आफिस में अटैच कर दिए गएl बात चल रही है अपनी 'इमरती देवी जी' की, प्रदेश का बच्चा बच्चा जानता है कि इमरती देवी भले ही उप चुनाव  हार गयी हो पर अभी तक उन्हें मंत्री पद से हटाने की हिम्मत  मुख्यमंत्री भी नहीं जुटा पा रहे है वे अभी भी  मंत्री है और जो मंत्री है उससे बंगला कैसे खाली करवाया जा सकता हैं  इतना ज्ञान तो आपको भगवान ने दिया ही होगा, कोई साधरण नेता होता तो बात अलग थी वे 'इमरती देवी' हैं  सिंधिया गुट सकी सबसे दमदार नेत्री, उनसे पंगा लेने से पहले सौ बार सोचना था और फिर ग्वालियर में पोस्टिंग के बाद भी आप नहीं समझ पाए कि इमरती देवी जी  की हैसियत क्या है अब भुगतो  पड़े  रहो आफिस अटैच होकर, अपनी सलाह तो ये है कि जाकर इमरती देवी जी के पैर पकड़ लो और माफी  मांग लो, हो सकता है वे आपको माफ़ कर दें पर भविष्य में कौन से बंगले में कौन है इस पर ध्यान मत दो जो जंहा है वतन के काम पर है आप तो अपनी दुकान देखो वरना ऐसे ही अलसेट खाते रहोगे इंजीनियर साहेब  


सुपर हिट ऑफ द वीक 


'तुम कहते थे कि मैं तुम्हारे लिए मौत का भी सामना कर सकता हूँ  तो जाकर  सांड के सामने जाकर खड़े हो जाओ' श्रीमान जी की प्रेमिका ने श्रीमान जी से कहा 


'मैं पक्का मौत का सामना कर सकता हूँ पर वो सांड अभी मरा  कहाँ है' श्रीमान जी का उत्तर था

                                  चैतन्य भट्ट

No comments:

Post a Comment