रेवांचल टाइम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला के विकास खण्ड मवई के ग्राम मवई बस स्टैंड से सिर्फ डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर मवई से सारस डोली को जोड़ने वाली रोड जहां बीच में कन्नईनदी पड़ती है I इस नदी पर करोड़ों की लागत से पुल का निर्माण हो रहा है ।
बता दे कि यह वही क नई नदी है 'जिसमें इससे पूर्व में भी टेढ़ी-मेढ़ी पुलिया का निर्माण हो चुका है ' । लेकिन ऊंचाई की कमी के चलते यह पुलिया अधिक उपयोगी नहीं है।बरसात के दिनों में तो यह नाकाम सिद्ध हो जाती है। फिलहाल निर्माणाधीन पुल को पूर्ण होने में लगभग 10 महीने का समय और लगने वाला है ।उपरोक्त पुल निर्माण में वन परीक्षेत्र मवई के जंगली नाला से रेत का दोहन हो रहा है ।
जिस नदी पर करोड़ों का यह पुल बन रहा है उसी के पास से ही ट्रैक्टर से रेत की निकासी हो रही है। जिम्मेदार विभागीय अमला आंखें बंद कर अनजान बने हुए है। अब सवाल यह उठता है क्या किसी भी जिम्मेदार अमले को इसकी खबर नहीं या खबर लेना नही चाह रहे यह कैसे हो सकता है।
वही वन भूमि की ये नदियों में प्रकृति की अकूत संपदा भरी पड़ी है 'लेकिन इन प्राकृतिक संपदाओं का उपयोग कोई गरीब नहीं कर सकता ।यह तो सिर्फ और सिर्फ विशेष हस्तियों की अमानत है जिस की ओर आंख उठाकर देखने की जुर्रत भी कोई नहीं कर सकता।
रेवांचल टाइम्स मवई से मदन चक्रवर्ती की रिपोर्ट ।



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