विभाग का समय खराब और गलत नाम से शिकायत करने वाले पर हो कार्यवाई
वन परिक्षेत्र कालपी में रहने वाले लगफग 15 लोगो पर अतिक्रमण के नाम से किसी फर्जी व्यक्ति के द्वारा कालपी में रहने वाले गनपत सिंह झारिया के नाम से झूटी शिकायत सीसीएफ कार्यालय एवं जिला कलेक्टर कार्यालय को की गई जांच प्रारम्भ होते ही कालपी रेंजर पी के प्यासी से इस विषय पर चर्चा की गई एवं शिकायत पत्र पर दर्ज नाम गनपत सिंह झारिया से वन विभाग द्वारा संपर्क किया गया जिसमे डिप्टी रेंजर कमर खान एव वीट प्रभारी राजेश उइके शिकायत पत्र के साथ जांच पर आए जिसमे गनपत सिंह झारिया द्वारा स्पष्ट रूप से शिकायत को झूठी शिकायत,एव फर्जी हस्ताक्षर बताया गया एवं साथ ही बताया गया कि मेरे द्वारा जो शिकायत की गई वह दीपक यादव निवासी कालपी की गई है जिसकी पावती मेरे पास उपलबध है जिसमे अभी तक विभाग द्वारा कोई कार्यवही नही की गई वही आरोप लगाते हुए कहा गया कि यह व्यक्ति विशेष की जांच है जिसको भटकाने का प्रयास किया जा रहा मेरे द्वारा 15 लोगो वाली शिकायत झूठी जिसको शिरे से खारिज करता हुँ औऱ मेरे नाम से झूठी शिकायत करने वाले ओर विभाग का समय नष्ट करने वाले कि जांच हो और सख्त करवाई हो जिसमे
सवाल यह खड़ा होता है इस तरह से गंभीर मामले की झूटी शिकायत करने वाले जो कानूनी प्रक्रिया का मजाक बना रहे हैं और जिन मामलों में गंभीरता से जांच हो ऐसे मुद्दों को भटका रहे है उन पर वन विभाग को फर्जी शिकायत करने वाले कि पड़ताल कर पहचान कर कठोर करवाई करनी चाहिए। साथ ही गनपत सिंह झारिया का आरोप है जिस दीपक यादव की शिकायत की है जिस पर जांच नही हो रही है वही दीपक यादव द्वारा जिस के साथ जमीन का क्रय विक्रय किया गया है वह वन परिक्षेत्र कालपी कार्यालय में दैनिक वेतन पर कम्प्यूटर ऑपरेटर है जिसने ग्राम के लोगो को नोटिस बाटने से पहले जा कर मीटिंग बैठा कर बताया था कि आपकी शिकायत हुई है और किसने की है जो कि विभाग से साथ धोखा है और विभाग की शासकीय गुप्त जानकारी को सार्वजनिक की है जिससे विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं औऱ जो कि अपराध की श्रेणी में भी आता है ऐसे लोगो पर करवाई होनी चाहिए वही वन विभाग कालपी द्वारा कार्य वाई ना करना और सच को सामने ना लाना विभाग को भी मिली भगत की लाइन मे खड़ा करता है।


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