नर्मदा परिक्षेत्र में अंधाधुंध दोहन अवैध अतिक्रमण निर्माण खनन भंडारण करने वाले दबंग माफियों पूँजीपतीयों के विरुद्ध होगा निर्णायक युद्ध - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

रेवांचल टाइम्स अखबार पाठकों से अनुरोध करता है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें.. ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें... साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए.. प्रकाशन हेतु ख़बरें, विज्ञप्ति मोबाइल- 9406771592 पर व्हाट्सएप्प करें

Thursday, November 5, 2020

नर्मदा परिक्षेत्र में अंधाधुंध दोहन अवैध अतिक्रमण निर्माण खनन भंडारण करने वाले दबंग माफियों पूँजीपतीयों के विरुद्ध होगा निर्णायक युद्ध



रेवांचल टाईम्स - देवउठनी ग्यारस से प्रदेश व्यापी नर्मदा गौ सत्याग्रहआज समर्थ सद्गुरु भैयाजी सरकार ने अन्न आहार का परित्याग किया करोड़ों जिंदगी से खेलने वालों पर अब काल बन कर  निकलेंगें नर्मदा पुत्र

      कार्यवाही ना होने पर अब हम स्वतंत्र है अपनी जीवन रेखा को बचाने संविधान और धर्म ने हमें अधिकार दिया।शासन प्रशासन की निष्क्रियता जबाबदार जिम्मेदारों की उदासीनता मुख्य कारण नर्मदा परिक्षेत्र की भयावह स्थिति भीषण प्राकृतिक आपदाओं का केंद्र बन रहा नर्मदा तीर्थ क्षेत्र कार्यवाही ना होने पर हम स्वतंत्र है जिंदगी को बचाने मां हमारा जीवन है


’नर्मदा बेसिन व प्राकृतिक धरोहरों वन संपदाओं प्राकृतिक जल संरचनाओं को नष्ट करना सबसे बड़ा जघन्य अपराध


नर्मदा परिक्षेत्र में अंधाधुंध दोहन अवैध अतिक्रमण निर्माण खनन भंडारण करने वाले दबंग माफियों पूँजीपतीयों के विरुद्ध निर्णायक युद्ध है

उच्च न्यायालय शासन प्रशासन के आदेशों दिशा निर्देशों नियमों की बेखोफ होकर अवहेलना धर्म संविधान के विरुद्ध कार्य करना इन अपराधियो के लिए अब आम बात हो गई


’राष्ट्र धर्म संविधान संस्कृति प्रकृति हमारी सर्वोपरि


’करोड़ों जिंदगियों को बचाने की इस मुहिम में स्थायी समाधान होगा या जीवंत जल समाधी- समर्थ सदगुरु भैयाजी सरकार

नर्मदा जन जागरण जन आंदोलन के प्रेणास्रोत प्रकृति उपासक समर्थ सदगुरु भैयाजी सरकार के सानिध्य में अनेक स्वयंसेवी संस्थाएं संगठन नर्मदा गौ भक्त द्वारा 25 नवम्बर देवउठनी ग्यारस को नर्मदा गौ पूजन के साथ प्रारंभ होगा प्रदेश व्यापी नर्मदा गौ सत्याग्रह।

मां नर्मदा के अस्तित्व पर मंडरा रहे संकट को बचाने के लिए एवं उनका संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए नर्मदा मिशन द्वारा जाए दायर जनहित याचिका पर माननीय मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने विगत वर्ष 2019 , 30 मई, 5 जुलाई, 21अगस्त एवं 16 सितंबर को दिए गए आदेशों में स्पष्ट किया कि पूरी नर्मदा नदी की सीमा में एच एफ एल से 300 मी में किसी प्रकार का कोई निर्माण दयोदय या किसी अन्य द्वारा नही किया जाएगा।1 वर्ष से भी अधिक समय बीत जाने के बावजूद लगातार अमरकंटक नर्मदा उद्गम से संपूर्ण नर्मदा पथ हरित जल संग्रहण परिक्षेत्र में लगातार अंधाधुंध अवैध अतिक्रमण निर्माण खुदाई खनन दिन रात अनवरत जारी है।

उदाहरण दयोदय द्वारा लगातार निर्माण अतिक्रमण अवैध भंडारण कार्य  तिलवारा घाट जबलपुर में जारी है।नर्मदा मिशन के समर्पित स्वयं सेवकों एवं नर्मदा भक्तों ने समय-समय पर प्रशासन को जानकारी ही नहीं दी बल्कि बारंबार जेसीबी एवं अवैध भंडारण कर रहे ट्रकों को जब्त भी पुलिस प्रशासन से कराने का प्रयास कराया।इन पूंजीपतियों, दबंगों और भू माफियाओं को राजनीतिक संरक्षण होने पर शासन प्रशासन कोई कार्यवाही करने में नाकाम है।शासन प्रशासन इनके दबाव प्रभाव में होने से पूर्णतः असमर्थ लाचार दिखाई देने लगा है जिससे प्रशासन की छवि  भी धूमिल हो रही है।

बिना किसी भय के अब पूर्णतया निरंकुश होकर लगातार अवैध निर्माण ,अतिक्रमण खनन, भंडारण का कार्य जारी किए हुए हैं।


’क्या हैं उच्च नन्यायालय आदेश नर्मदा परिक्षेत्र में’

 1.दयोदय या किसी अन्य द्वारा उच्च बाढ़ स्तर एचएफएल से 300 मीटर तक किसी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं होगा ।

2. यदि दयोदय संस्था या किसी अन्य द्वारा किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य किया गया तो प्रशासन द्वारा कार्यवाही की जाएगी।

 3.सम्पूर्ण नर्मदा नदी के हरित क्षेत्र में निर्माण कार्य रोकने हेतु प्रशासन द्वारा गए उठाए गए कदम एवं नदी के एचएफएल से 300 मीटर सीमांकन की प्रशासन रिपोर्ट पेश करेगा।


 ’प्रदेश व्यापी होगा सत्याग्रह’


’नर्मदा गौ सत्याग्रह में जन जागरण के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगें’

’क्रमिक अनशन,धर्म सभा,नर्मदा गौ महाआरती 

गौ रेवा संवाद, युवा संवाद ,नर्मदा गौ पद यात्रा,नर्मदा पंचकोशी परिक्रमा आदि के द्वारा नर्मदा पथ के प्रत्येक जिले में जन जागरण होगा।


’राज्य सरकार शासन -प्रशासन से हमारी प्रमुख मांगे’

1)नर्मदा के हरित क्षेत्र ,जल संग्रहण क्षेत्र जीवनदायनी का जीवन क्षेत्र एच. एफ.एल.से 300 मीटर तक के समस्त क्षेत्र को माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार सीमांकन कर प्रतिबंधित हरित क्षेत्र घोषित कर संरक्षित किया जाए।

2)राज्य सरकार जीवनदायनी नर्मदा को जीवंत इकाई का दर्जा प्रदान कर ठोस नीति व कानून बनाए।

3)दबंग ,भू -खनन माफिया एवं पूँजीपतियों एवं दयोदय जैसी संस्थाओं द्वारा प्रतिबंधित हरित क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माण ,अतिक्रमण भंडारण,खुदाई,खनन तत्काल प्रतिबंधित कर निर्माण एवं अवैध भंडारण सामग्री को तत्काल राजसात किया जाए।

4)बेसहारा गौ वंश के लिए आरक्षित नगर निगम जबलपुर की जमीन को दयोदय द्वारा किये गए अवैध अतिक्रमण कब्जा से तत्काल मुक्त कराया जाए एवं नर्मदा पथ के तटवर्ती गांव नगरों में गौ आधारित कृषि को बढ़ावा दिया जाए, गौ तीर्थ क्षेत्र गौ अभ्यारण जनभागीदारी से बनाए जाएं।

5)अमरकंटक पर्वत माला तीर्थ क्षेत्र में हो रहे निर्माण खनन पूर्णतः प्रतिबंधित कर हरित क्षेत्र को संरक्षित कर अतिक्रमण मुक्त किया जाए।

6) जिला प्रशासन जबलपुर द्वारा बेसहारा गौ वंश की निःस्वार्थ सेवा कार्य में अपना योगदान देने वाली स्वयंसेवी संस्थाओं संगठनों पर लगाए प्रतिबंध को तत्काल हटाया जाए।



’दयोदय को किसी भी प्रकार की नहीं है अनुमति’ - ’आर टी आई में हुआ है खुलासा’ 

नर्मदा मिशन द्वारा आरटीआई में प्राप्त की गई जानकारी में स्पष्ट पता चला है कि नगरीय प्रशासन की विभिन्न इकाइयों जैसे पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, नगर निगम एवं खनिज विभाग से दयोदय संस्था द्वारा किसी भी प्रकार की कोई अनुमति नहीं ली गई है।


 ’भयावह हो रही  स्थितियां’ विश्व की सबसे भीषण त्रासदी आपदाओं का केंद्र बन रहा रेवा खण्ड

अमरकंटक से डिंडोरी मंडला जबलपुर व सम्पूर्ण नर्मदा पथ परिक्षेत्र में लगातार हो रहे विशालकाय निर्माण अतिक्रमण खुदाई खनन नर्मदा जल संग्रहण नर्मदा बेसिन के वन अभ्यारण वन परिक्षेत्रों का अंधाधुंध दोहन होने पर तेजी से खत्म हो रहे है यदि तत्काल प्रतिबंध नही लगा तो 2030 तक नर्मदा अनेक स्थानों में गुप्त हो जाएगी जिससे करोड़ों जन जीवन प्रभावित  होगा।शासन प्रशासन की लापरवाही अनदेखी से मां नर्मदा कई स्थनो पर तीव्रता गुप्त हो रही हैं जल धारा खंडित हो रही है।यदि ऐसी ही स्थितियां बनी रहे और मां नर्मदा के हरित क्षेत्र रायपेरियन जोन में इसी प्रकार अवैध निर्माण जारी रहा तो वह दिन दूर नहीं जब अन्य स्थलों पर भी मां नर्मदा गुप्त हो जाएंगी और पूरे प्रदेश में करोड़ों के सामने जीवन का संकट खड़ा हो जाएगा।


’बेसहारा गौवंश भी संकट में’

’नगर निगम की स्वयं की जमीन पर दयोदय का कब्जा’

बेसहारा गौवंश के लिए बनायी गई नगर निगम तिलवारा की गौशाला की जमीन पर दयोदय द्वारा अतिक्रमण करने से गौवंश भीषण दुर्दशा को मजबूर है।


’प्रशासन स्वयं के आदेश का पालन नहीं करा पा रहा’

माफियाओं के हौसले कितने बुलंद हैं इस बात से समझा जा सकता है कि गोरखपुर , जबलपुर अनुभाग अधिकारी के दयोदय को दिए गए आदेश दिनांक 14.5.2019 कि अतिक्रमण करने पर सम्पत्ति राजसात की जाएगी , का पालन नहीं किया जा सका है ।2 नवंबर 2020 को वर्तमान जबलपुर कलेक्टर एवं माननीय मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश को दिए गए ज्ञापन में सारी स्थितियां पुनः स्पष्ट करने के बावजूद किसी प्रकार की कार्यवाही होती नजर

नहीं आ रही हैं। समर्थ सद्गुरु भैया जी सरकार ने आह्वान किया कि समय रहते सभी नर्मदा भक्त, नर्मदा पुत्र इन पूंजीपतियों ,माफियाओं के विरुद्ध एक होकर मां नर्मदा और गौ माता के लिए साथ आएं और उस जीवनदायिनी के जीवन को बचाएँ।’हम सभी के जीवन आधार मां नर्मदा को बचाने के लिए नर्मदा भक्त और नर्मदा पुत्र जन आंदोलन सत्याग्रह करेंगे।’

No comments:

Post a Comment