रेवांचल टाईम्स - अब बिजली विभाग के कर्मचारी भी अपनी मांगों को लेकर दिनांक 8 नवंबर 2020 को ठेंगड़ी भवन (बीएमएस) भोपाल विद्युत के क्षेत्र के सभी संगठनों की बैठक संपन्न हुई , जिसका नाम दिया गया मध्य प्रदेश विद्युत निजीकरण विरोधी संयुक्त मोर्च महागठबंधन जिसमें,विद्युत क्षेत्र के समस्त विद्युत संगठनों ने बैठक कर विद्युत क्षेत्र में सरकार द्वारा लाए जा रहे।
(1)निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में एकमत होकर आंदोलन की रूपरेखा बनाई (2)आउटसोर्स कर्मचारियों की कंपनियों में संविलियन (3) विद्युत कंपनियों में संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग को शामिल कर तीन सूत्रीय मांग पर मोर्चे की सहमति बनी, बैठक में निर्णय लिया गया कि अगर सरकार विद्युत क्षेत्र के निजी करण का प्रस्ताव वापस नहीं लेती है तो समस्त विद्युत क्षेत्र में काम बंद कर हड़ताल भी करना पड़े तो सभी विद्युत संगठन तैयार हैं बैठक में प्रदेश के सभी विद्युत संगठन म. प्र. बिजली कर्मचारी महासंघ,अभियंता संघ , पावर इंजीनियर एंड एंप्लाइज एसोसिएशन पी ई ई ए,डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन ,फेडरेशन इंटक,तकनीकी कर्मचारी संघ, आरक्षित वर्ग अधिकारी कर्मचारी संघ , जनता यूनियन, विद्युत कर्मचारी पंचायत,बिजली कर्मचारी संघ पश्चिम क्षेत्र, विध्युत मंडल कर्मचारी युनियन, विध्युत अधिकारी कर्मचारी कल्याण संघ संविदा , बाह्य स्त्रोत विद्युत कर्मचारी संगठन एवं अन्य सभी संगठन उपस्थित हुए एवं ध्वनि मत से विद्युत क्षेत्र का निजीकरण का विरोध किया शीघ्र ही मोर्चा द्वारा मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री से बैठक कर मांगों के निराकरण का प्रयास किया जावेगा अन्यथा आगे की रणनीति तय कर आंदोलन की भूमिका बनाई जाएगी।
किशोरी लाल रैकवार
प्रदेश महामंत्री
मध्यप्रदेश बिजली कर्मचारी महासंघ


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