रेवांचल टाइम्स डिंडोरी जिला एक आदिवासी बहुल जिला जाना जाता है जहां ग्राम विकास के लिए आने वाली शासकीय राशि का तथाकथित जनप्रतिनिधि एवं जनपद पंचायत के जिम्मेदार नुमाइंदे सांठगांठ कर खुला दुरुपयोग करते हैं जिसका ताजा तरीन मामला जनपद पंचायत डिंडोरी अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत बटोधा का है जहां सरपंच सचिव के द्वारा बगैर निर्माण कार्य किए लाखों रुपए का हरण कर लिया गया ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत में सरपंच पति एवं ठेकेदार के द्वारा घटिया निर्माण कार्य कर आधा अधूरा छोड़ दिया गया तथा बगैर कार्य किए फर्जी बिल लगाकर राशि का आहरण कर लिया गया ग्रामीण की मानें तो सरपंच पति की दबंगई के चलते कोई आवाज नहीं उठा सकता इनके द्वारा सीसी सड़क कार्य राजेश के घर से तालाब तक बनवासी मोहल्ला 300 मीटर बनाना था जिसे महल 149 मीटर बनाकर आधा अधूरा छोड़ दिया गया जबकि तालाब सड़क का निर्माण किया ही नहीं गया और 9 लाख 50 हजार रुपए आहरण कर लिया गया वहीं मनरेगा योजना से सुदूर सड़क हाई स्कूल से शाहपुरा मार्ग तक उक्त सड़क पूर्व से आंतरिक सड़क के तौर पर निर्मित थी मनरेगा से इस पर एक डंपर डस्ट लाकर बिछाई गई थी जिसकी राशि पूर्व में ही आहरण कर ली गई थी बावजूद इसके दिनांक 5.5.2020 को2.48.345. दो लाख 48 हजार रुपए का फर्जी बिल लगा कर भुगतान कर लिया गया पंचायत में लगातार भ्रष्टाचार की शिकायत बढ़ती ही जा रही है लेकिन कार्यवाही ना होने के कारण भ्रष्टाचारियों के हौसले दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं सूत्रों से जानकारी के अनुसार उप सरपंच एवं पंचों के द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत डिंडोरी को लगभग 2 माह पूर्व शिकायत की गई थी लेकिन आज तक जिम्मेदार द्वारा किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई। जिसके परिणाम स्वरूप सरपंच पति एवं सचिव के हौसले परवान चढ़े हुए हैं आखिर जिले में सरपंच सचिव द्वारा कब तक भ्रष्टाचारी चलती रहेगी और शासकीय राशि का दुरुपयोग होता रहेगा और जिम्मेदार अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहेंगे यहां तो अपने आप में एक अहम सवाल खड़ा करता है
रेवांचल टाइम्स से प्रमोद पड़वार की खास रिपोर्ट सच के साथ


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