रेवांचल टाइम्स - आज दिनांक को वाणिज्यिक कर विभाग की कार्यवाही के माध्यम से पटाखा व्यवसायियों का सिवनी, केवलारी, लखनादौन, छपारा, बरघाट, घंसौर में एक साथ सर्वे कार्य किया गया। इसमें पाया गया कि लगभग 95% व्यवसायियों के पास वैध क्रय बिल नहीं है। जिनके पास बिल थे भी वे अपर्याप्त अथवा अंडर बिलिंग के थे। वाणिज्यिक कर विभाग के द्वारा यह भी पाया गया कि व्यापारियों ने लाखो का पटाखा क्रय विक्रय किया लेकिन बिल अत्यंत अल्प राशि के ही थे। वहीं दो विक्रेताओं द्वारा स्थाई पंजीयन है और करोड़ों का व्यापार भी सालो से किया जा रहा है लेकिन जीएसटी 3बी 5-6 लाखों के व्यवसाय का ही जमा किया गया है। अतः इनका पिछले तीन वर्षों का जीएसटी एसेसमेंट भी किया जा रहा है वहीं अपंजीयत व्यवसायियों पर टेंटेटिव टैक्स एवं पेनल्टी की कार्यवाही की जा रही है।
पिछले कयी वर्ष से पटाखा व्यवसाय में कर अपवंचन का खेल शुरू था जिसमें संभवत विभाग की ही नाकामी थी। जिसमे विभाग के कई वर्षों से सिवनी मे पदस्थ कराधान सहायक और इंस्पेक्टरों की संलिप्तता थी। आज भी कुछ ऐसा ही हुआ जब वाणिज्यिक कर निरीक्षकों द्वारा पटाखा व्यवसायियों के बिल की जांच हो रही थी तब कुछ व्यवसायियों वाणिज्यिक कर विभाग में बैठे कर्मचारियों के द्वारा सुरक्षा का आश्वासन दिया जा रहा था। ऐसे में उम्मीद है कि इस बार कुछ बडी कार्यवाही होने की होगी।
अखिल बन्देवार के साथ रेवांचल टाइम्स की एक रिपोर्ट

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