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Monday, November 9, 2020

आदिवासी जिला में झोलाछाप डॉक्टर बिना डिग्री के धड़ल्ले से लोगो की जान के साथ कर रहे खिलबाड़




रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला में इन दिनों झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार मची हुई है वही जिला स्वास्थ्य अमला देश मे चल रही कोरोना महामारी में व्यस्त है और उनका पूरा पूरा फायदा झोलाछाप डॉक्टर उठाते नजर आ रहे है और लोगो की एलोपैथिक (अंग्रेजी) दवाई से इलाज कर रहे है इसी कड़ी में बिछिया विकास खण्ड के ग्राम रामनगर में गली गली में डॉक्टरों की भरमार है वही आयुर्वेदिक से पढ़ाई कर अपने आपको किसी एम बी बी एस से कम नही समझने वाले कम्पाउंड कम डॉक्टर एन के पटैल जो  कि धड़ल्ले से गरीबो इंजेक्शन बॉटल दवाई गोलियां दे रहे और भोलेभाले लोगो का ईलाज करते हुए लोगो की घुटनों रीढ़ की हड्डी तक मे इंजेक्शन लगा कर उन्हें पंगु बना रहे है और इस ईलाज के 2000 से लेकर 5000 रुपये ले रहा है वही डॉ पटैल के द्वारा ये कहा जा रहा है कि शरीर के सभी दर्दो के दवा है मेरे पास कैसे से कैसा भी और पुराना से पुराना शरीर मे दर्द हो मेरी किलीनिक से आराम दिलाने का दावा करते है और वही स्वास्थ्य विभाग में इनका कोई रजिस्ट्रेशन भी नही है और न ही रामनगर में डॉक्टर पटैल के द्वारा संचालित किलीनिक की विभाग को खबर होने के बाद भी ऐसी फर्जी झोलाछाप किलीनिक में कार्यवाही न करते हुए बढ़ावा दिया जा रही और कही न कही इनके ऊपर समय समय कार्यावाही न होने के कारण इनके हौसले बुलंद है।और बेचारे भोलेभाले गरीब लोगों का सरकारी अस्पताल में सही ईलाज न मिलपाने के कारण आज इन्हें झोलाछापों की शरण मे जाना पड़ रहा है। इलाज में आराम लगे न लगे पर फीस तो देनी पड़ती है।

             वही इस आदिवासी जिला मंडला में शासन प्रशासन के द्वारा इलाज के लिए अनेक योजनाएं संचालित है पर जमी हकीकत कुछ और ही है।

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