रेवांचल टाइम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला में हर साल के बाद इस साल भी दीपावली त्योहार के बाद से ही अहीर, यादव लोग घर घर जाकर (जागरण जगाया ) जाता है ओर सभी घरों में जाकर दीप प्रज्वलन करके दान लिए बड़ी पुरानी मान्यता के साथ ये ग्वाल वंशी लोगो की परंपरा सनातन से चलते आ रही हैं जिसमे दीपावली के पर्व के बाद से मड़ई मेला तक यादव समाज के द्वारा नाचा जाता हैं जिसमें ग्वाल वंशी (अहीर )लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाती हैं बड़ी मान्यता परम्परा हैं कि दीपावली अमावस्या के दिन हर घरों में अहीर लोगो का आना और घरों के अंदर जाकर मान्यता है कि जागना शुभ माना जाता हैं आज मुख्य रूप से भोरम यादव, दिया लाल यादव, कल्लू यादव , चिमलु यादव , धनी राम बंजारा , ओर समस्त यादव परिवार , की मौजदूगी में पूरा गांव , का भ्रमण किया गया
वही हरीश बिंझिया ने बताया कि दीपावली की पूजा के बाद यादव समाज के ये लोग सर्व प्रथम खेरमाई को जगा कर पूजा अर्चना करके पूरी गाँव, ओर हर घरों में जाकर जगाते हैं बड़ी परम्परा के साथ सभी घरों में जाते हैं और बेंड बाजा के साथ नाचते है ओर फिर जिन जिन घरों में वो नाचते है उन्हें फिर कुछ रुपये पैसे भी दिया जाता है।


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