रेवांचल टाईम्स - कोरोना काल को देखते हुए आज वर्तमान परिस्थिति कुछ विपरीत है। इस वर्ष कोरोना ने मानो हमारा समय बहुत पीछे कर दिया है।इस वर्ष विद्यालय भी नहीं खुले हैं सभी कक्षायें ऑनलाईन चल रही हैं । जबकि अधिकांश ग्रामीण बच्चे मोबाईल फोन की पहुंच से दूर हैं । वे सभी बच्चे पढ़ने के इच्छुक हैं पर अभावों में घिरे होने की वजह से परेशानियों का सामना करते हैं।" इनर वाईस ग्रुप" जो लगातार समाज में जागरुकता के लिए कार्यरत है।पिछले कुछ वर्षों से स्कूल सत्र प्रारंभ होते ही जरूरत मंद बच्चों को अध्ययन सामग्री बांटा गया ।इस वर्ष बच्चों को उनके ग्राम जाकर अध्ययन सामग्री बांटी गयी।साथ ही कोरोना महामारी के लक्षण,बचाव की जानकारी दी गयी। बच्चों का मनोबल बढ़ाया गया यह कहकर कि "जब परिस्थितियां विपरीत हो तो अपना अच्छा समय आ जाता है।"
शहर से दूर ग्राम नांदिया, मलारा,लिमरुआ, चरगांव,घाघा,सिंगारपुर, भुरकाटोला,मोहनटोला ऐंसे अनेकों ग्राम पर जाकर बच्चों को अध्ययन सामग्री बांटी गयी। ग्रुप के सहसंस्थापक और इस मुहिम के प्रमुख ललित कुशराम ने बताया कि यह काम ग्रुप अपने जेब खर्च बचाकर करती है लेकिन काम से प्रभावित होकर लोग उनके साथ जुडते जा रहे हैं।इस वर्ष हमने 800 से ज्यादा जरूरत मंद बच्चों को अध्ययन सामग्री वितरित कर चुके हैं।
ग्रुप के संस्थापक दीपमणी खैरवार का मानना है कि दूसरों के लिए जीना ही असल जीवन है। इस वर्ष परेश सूर्यवंशी, मोहित पटले,राहुल पटले,रामप्रसाद सुचार,जयकिशन,समीर,पुष्पराज जी,श्यामलता जी,सुशील पमनानी जी ने सहयोग किया।
साथ ही इस मुहिम पर ग्रुप के प्रशांत,सिद्धांत, नीलेश, दुर्गेश, हेमंत,ब्रजेश, कुंजबिहारी, ललित, ज्ञानेश्वर, इकेश,पूजा,रेखा ,प्रवीण, नवीन, आकाशमणी,ललित ,दीपमणी खैरवार व ग्रुप की सहभागिता रही।


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