रेवांचल टाइम्स - भोपाल चुनाव आते ही राजनीती गलियारों के साथ साथ मिडिया संस्थानों में भी चुनावी सर्वे के चक्कर में अपनी टीआरपी की होड़ मचने लगती है परन्तु अब ऐसा करना या किसी भी तरह का भ्रम फैलाने पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी गई है
दरअसल एक्जिट पोल में किस राजनैतिक पार्टी को कितनी सीट मिल रही है, किसकी हार और किसकी जीत हो रही है, मध्यप्रदेश में भी 28 सीटों पर चुनाव होना है, लेकिन इसके पहले चुनाव आयोग मध्यप्रदेश ने एग्जिट पोल पर पाबंदी लगा दी है, ताकी चुनाव पूर्ण रूप से निष्पक्ष हो और एक्जिट पोल से किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति ना पैदा हो ।
गौरतलब है की मध्यप्रदेश में आगामी 3 नवबंर को 28 सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान होना तय है और 10 नवंबर को चुनावी परिणाम आ जायेंगे । नतीजों के बाद तय होगा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के बगावत के बाद बनी मध्यप्रदेश में शिवराज सरकार होगी या फिर पुनः कमलनाथ सरकार को दोबारा मध्यप्रदेश की बागडोर मिलेगी , ये तो 10 नवंबर को ही पता चल पायेगा।
चुनाव आयोग द्वारा 14 अक्टूबर को जारी अधिसूचना में निर्देश दिया गया है कि प्रत्येक चरण में संबंधित चुनाव क्षेत्रों में मतदान समाप्ति की 48 घंटे की अवधि के दौरान किसी भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर किसी भी तरह के ओपिनियन पोल और चुनाव से जुड़े सर्वेक्षण के परिणाम को ‘दिखाना’ प्रतिबंधित है। मुख्य चुनाव आयोग ने 28 सीटों पर होने वाले चुनावों के समस्त कलेक्टरो , जिला निर्वाचन अधिकारी और रिटर्निंग ऑफिसर को पत्र लिखकर इसकी सूचना दी और इसकी प्रति समस्त मीडिया कर्मियों, समाचार पत्रों और टीवी चैनलो के लिए उपलब्ध कराकर इसकी सूचना देने के लिए भी कहा।

No comments:
Post a Comment