रेवांचल टाईम्स - कलयुग में आज भी होती है रावण की पूजा मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के नटेरन तहसील के अंतर्गत ग्राम रावण जहा महाज्ञानी महा प्रतापी महा बलशाली प्रकांड पंडित महाशिव भक्त चारो वेदो के ज्ञाता शिव तांडव स्त्रोत के रचयिता रावण महाराज को अराध्य भगवान् कुल देवता मानते है दशहरे पर पूरे देश में रावण महाराज का पुतला दहन किया जाता है वही नटेरन से 8 किलोमीटर दूर एक ऐसा भी स्थान है जहां पर सर्वप्रथम पूजे जाते हैं रावण महाराज दशहरे पर स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर रावण महाराज को किसी भी शुभ कार्य से पहले नहीं पूजा जाते तो किसी ना किसी प्रकार का अनिष्ट होने की संभावना रहती है ग्रामीणों का कहना है कि रावण महाराज की प्रतिमा बहुत पुरानी है कई पीढ़ियां बीत चुकी हैं इन को देखते हुए शयन मुद्रा में स्थापित है रावण महाराज की प्रतिमा प्रतिमा से थोड़ी ही दूरी पर रावण महाराज की तलवार भी स्थापित है तालाब में लोगों का कहना है कि लंका के समय से ही यह प्रतिमा स्थापित होना बताया जा रहा है किसी राक्षस से युद्ध करके लौट रहे थे रावण महाराज तब उन्होंने सोचा कि यहां थोड़ा आराम कर लिया जाए वही प्रतिमा आज यहां पर शयन मुद्रा में स्थापित हो गई है दशहरे पर बहुत दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं रावण महाराज जी से आशीर्वाद लेने के लिए और जिन की मुराद पूरी हो जाती है वह चढ़ावा चढ़ाने आते हैं वही लोगों ने बताया कि 3 माह से रामायण पाठ का चल रहा है रावण महाराज के दरबार में
नटेरन से हेत सिंह रघुवंशी की रिपोर्ट

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