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अंधेर नगरी चौपट राजा ,बहरा होता देश, शख्स वही है जामा पहने, हरदम बदले वेश, तुम फूलन बन जाओ बेटियों बस यही राह है शेष: मातृशक्ति संगठन - revanchal times new

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Thursday, October 1, 2020

अंधेर नगरी चौपट राजा ,बहरा होता देश, शख्स वही है जामा पहने, हरदम बदले वेश, तुम फूलन बन जाओ बेटियों बस यही राह है शेष: मातृशक्ति संगठन

 


अंधेर नगरी चौपट राजा ,बहरा होता देश, शख्स वही है जामा पहने, हरदम बदले वेश, तुम फूलन बन जाओ बेटियों बस यही राह है शेष: मातृशक्ति संगठन


रेवांचल टाइम्स - फिर एक और देश की बेटी हैवानियत की शिकार हुई.. सिवनी.एक

बेटी हिन्दू की हो या मुसलमान की, दलित हो या सवर्ण की, जातिवाद और धर्म के आधार पर एक बेटी की आबरू और जिंदगी को मत आंको राजनीति के ठेकेदारों....

मानवता बरकरार रहने दो। बलात्कारी कोई भी किसी भी राज्य और धर्म का हो सबके लिए एक ही सजा हो " फाँसी " या " एनकाउंटर "  उत्तर प्रदेश हाथरस में 20 वर्षीय बेटी के साथ हुई दरिंदगी, हैवानियत के विरोध में  मातृशक्ति संगठन अपनी यूथ विंग समर्पण के साथ सड़कों पर उतरा। कचहरी चौक में एकत्रित हुए संगठन ने सरकार से माँग की है कि इन दरिंदो का एनकाउन्टर किया जाए।

बेटियों, महिलाओं के लिए तमाम योजनाएं बनाने वाली सरकारें पहले उनकी सुरक्षा के लिए कठोर कानून बनाये।बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, कन्या भ्रूण हत्या पाप है ऐसे नारों से तो शहरों की दीवारें पटी पड़ी हैं। ये नारे सिर्फ महिलाओं और बेटियों के साथ महज एक ठगी साबित हो रहे हैं। जिस देश मे गुनहगारों के लिए आधी रात को अदालतें चल जाती हैं। आधी रात को कई कानून बन जाते हैं उसी देश मे महिलाओं बेटियों की इज्जत आबरू इतनी सस्ती हो गई कि उस पर सख्त कानून बनाने का  कार्य कोई भी सरकार नहीं कर पाई आखिर क्यों...?

भारत की न्याय प्रणाली इतनी कमजोर क्यों हैं?? 

बलात्कारियों के लिए कठोर कानून क्यों नही है, आखिर दरिदों को कानून का ख़ौफ़ क्यों नही है??

और कब तक देश की बेटियां इन दरिदों के लिए हवस की भेंट चढ़ती रहेगीं ??

मातृशक्ति की एक ही पुकार...

फिर से करो एनकाउंटर इस बार...


अखिलेश बंदेवार कै साथ रेवांचल टाइम्स की एक रिपोर्ट

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