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Monday, October 5, 2020

कहो तो कह दूँ ='मियाँ बीबी का झगड़ा बीच' में पड़े वो लबरा'



रेवांचल टाइम्स डेस्क - एक बड़ी पुरानी  कहावत है 'मियाँ बीबी का झगड़ा बीच' में पड़े वो लबरा' अपने प्रदेश  के एक  डीजी साहेब का अपनी बीबी से लड़ते हुए वीडिओ क्या वायरल  हुआ पूरे प्रदेश में जैसे तूफ़ान सा आ गया, रातों रात सरकार ने उन डीजी साहेब को उनके पद से मुक्त कर दिया और दूसरे दिन वे सस्पेंड भी हो गएl अब डीजी साहेब चिल्ला  चिल्ला कर आरोप लगा रहे हैं कि उनसे पहले कई अफसरों के तरह तरह के वीडिओ वायरल  हुए है कोई 'नोटों का लिफाफा' ले रहा है तो कोई सुन्दरियों के साथ रंगरेलियां  मना रहा है पर उनका तो सरकार ने आज तक कुछ ही नहीं किया और मेरा मेरी बीबी के साथ जरा सा झगड़ा क्या हो गया मुझे सस्पेंड कर दियाl डीजी साहेब तो अपनी आईपीएस एसोसिएशन  से भी इतने नाराज हो गए कि उन्होंने उनके पदाधिकारियों को पत्र लिख क़र कह दिया कि कुछ तो शर्म करो  तुम्हारा  एक साथी मिया बीबी के झगडे में  सस्पेंड  हो गया है और तुम  लोग कुछ नही कर रहे हो, वैसे डीजी साहेब की बात है तो सही अरे भाई दुनिया में  मियाँ बीबी का ऐसा कौन सा जोड़ा होगा जो  आपस में  न झगड़ता हो, मियाँ  बीबी तो बने ही है एक दूसरे से  युद्ध करने के लिए, और फिर यदि मियाँ बीबी से नहीं झगडेगा तो क्या पड़ोसन से युद्ध करेगा, ऐसी कौन सी बड़ी बात हो गयी कि डीजी साहब को  फ़ौरन से पेश्तर सरकार ने सस्पेंड कर दियाl मान लिया कि डीजी  साहेब  थोड़े रसिक  मिजाज है पहले भी  'हनि ट्रेप' में भाईसाहब चर्चा में आये थे और इस बार भी झगड़ा इस बात से शुरू हुआ क्योकि डीजी  साहेब  अपनी एक महिला मित्र के घर मैं बैठे थे और उनकी बीबी साहिबा वहां पंहुच गयी, अरे भाई क्या किसी पुरुष की महिला मित्र नहीं हो सकती, बीबियों को तो वैसे भी शक करने की आदत रहती ही है सो मचा दिया  हल्ला  डीजी  साहेब बार बार कह   रहे है कि उनकी पत्नी ने उन पर कैंची से हमला कर दिया था पर बेचारे डीजी साहेब  की कोई सुन नहीं रहा है, रिटारयमेंट के कुछ ही साल बचे हैं ऐसे  में इतनी  छीछालेदर l कोर्ट भी मियाँ बीबी के झगडे निबटाने या तलाक की  एप्लिकेशन  पर दोनो को छह महीने का टाइम देती है कि तुम लोग आपस में समझौता कर लो पर यंहा तो सरकार ने  ऐसी फुर्ती दिखाई  कि  वीडिओ वायरल हुआ और आ गया सस्पेंशन का आर्डरl बुरा हो इन 'सीसी टीवी कैमरों' का जो आजकल हर जगह लगे  रहते  हैं न जाने कब से डीजी साहेब और उनकी बीबी के बीच  ऐसे 'पानीपत' के युद्ध हुए होंगे पर किसी को  कानों कान खबर नहीं हो पाई  पर इन कैमरों ने  सारी पोल  एक बार में खोल कर रख दी अपना मानना तो ये है कि जिन लोगों ने  डीजी साहब को सस्पेंड  किया है वो अपने दिल पर हाथ  रखकर बतला दें कि  क्या उनका अपनी बीबी से  झगड़ा  नहीं होता और जब उनका भी होता है तो बेचारे डीजी साहब ही बलि का बकरा क्यों बनाये दिए गए, है किसी के पास इसका जवाब 


 पेट है कि भट्टी  


        जब से कोरोना क्या आया है और उसके देशी इलाज लोग बाग़ बतला रहे है तब से  'गरम गरम'  चीजें  खाकर  पेट तो जैसे 'भट्टी' हो गया है सुबह उठते ही से दो ग्लास गरम पानी पियो  उसके  बाद गरम खौलती हुई  चाय पियो, थोड़ा टाइम बाद नाक से  गर्म गर्म भाप  अंदर  कर लो, फिर दोपहर  में गरम पानी पी लो, खाना भी  खाओ तो इतना गर्म कि भले ही जीभ जल जाए पर यदि कोरोना को मारना है तो  इसकी चिंता न करते हुए उसे गुटक जाओ , दिन में चार बार गरम  गरम  चाय, आठ बार गरम पानी के गरारे करो, रात में हल्दी मिला  गरम  दूध पीओ, यनि कुल मिलाकर सुबह से लेकर रात तक  केवल गरम ही गरम  पेट में ठूँसना है पेट भी सोचता होगा वो भी क्या दिन थे जब 'कोल्ड ड्रिंक' 'आइसक्रीम'  'शरबत' से उसे सुकून मिलता था पर अब, एक तो गर्मी ऊपर से हर चीज गरम,  बेचारा पेट झुलसा जा रहा है पर इंसान है कि गरम  चीजें  खाने और पीने  से पीछे नहीं  हट  रहा है हाल ये हो गया है की ठंडी चीज कैसी होती है पेट इस बात को भूल चुका है न  कहो यदि 'खुदाना खास्ता'  कोई ठंडी चीज पेट के भीतर चली जाए तो  पेट घबरा के बचाओ बचाओ  चिल्लाने लगेl अपने को तो  डर  इस बात है कि पेट के भीतर जठाग्नि  वैसे भी  ही जलती रहती है कहीं दिन ऐसा न हो की पेट के भीतर आग लग  जाए  और लोगों को नगर  निगम  से फायर ब्रिगेड बुलाना पड़ जाएl 


'सुपर हिट ऑफ़ द वीक'


कुछ लोग धन के लिए लड़ते हैं--- 


कुछ धर्म के नाम पर तो, कुछ जाति के नाम पर


केवल मियाँ बीबी ही ऐसे है जो 'निस्वार्थ'  भाव से लड़ते हैं

                                        चैतन्य भट्ट

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