विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान माही परियोजना की लापरवाही इन दिनों किसानों पर पड़ रही है भारी - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

रेवांचल टाइम्स अखबार पाठकों से अनुरोध करता है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें.. ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें... साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए.. प्रकाशन हेतु ख़बरें, विज्ञप्ति मोबाइल- 9406771592 पर व्हाट्सएप्प करें

Tuesday, October 27, 2020

विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान माही परियोजना की लापरवाही इन दिनों किसानों पर पड़ रही है भारी



रेवांचल टाईम्स - विभाग की लापरवाही रबी की सीजन की बोवनी  की तैयारियां अंतिम पड़ाव पर है पर किसानों के द्वारा हकाई जुताई के साथ-साथ खेतों की साफ सफाई भी पूरी कर ली है अब इंतजार है तो माही नहरों के पानी का किंतु माही परियोजना की लापरवाही इन दिनों किसानों पर भारी पड़ती नजर आ रही है अभी तक नहरों की सफाई का कार्य  प्रारंभ नहीं होने से किसानों में आक्रोश है उन्होंने सीधे-सीधे आरोप लगाते हुए विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि  जब  शासन स्तर पर किसानों के हित के लिए  कई कारगर योजनाएं बनाएं  जिसमें माही परियोजना क्योंकि यह नहीं रे किसानों के लिए जीवनदायिनी है और जब से माही नहरों का जाल क्षेत्र में बिछा है तब से किसानों की उन्नति की राह मे काफी कारगर साबित हुई है उसके परिणाम भी सामने हैं 

     पेटलावाद में गेहूं उत्पादन में मध्यप्रदेश में कई बार कृषि कर्मण पुरस्कार देश में प्राप्त किए हैं की नहर  प्रमुख है ऐसे में विभाग की अनदेखी  आने वाले समय में किसानों पर भारी पड़ती नजर आ रही है माही नेहर की  साफ सफाई के अभाव में  बड़ी-बड़ी घास  मिट्टी और छोटे बड़े वृक्ष है इन दिनों इनमें आसानी से देखे जा सकते हैं साथ ही कई जगह से  नहरे भी क्षतिग्रस्त हो गई है  ऐसे में उनमें सुधार नहीं किया गया तो आधे से अधिक पानी सिंचाई के बिना ही व्यर्थ में बह जाएगा विशेषकर करडावद से केसरपुरा तक की माही नहरे विभाग की अनदेखी के कारण अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही  हे                 भ्रष्टाचार का दीमक शासन के द्वारा सिंचाई के लिए अधिक से अधिक पानी किसानों को मिल सके उसके लिए कई कार्य योजना बनाई किंतु अधिकारियों की लापरवाही के चलते वह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई नेहरो से खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए कई किलोमीटर की नालियों का निर्माण किया गया जो कि वर्तमान समय में शोपीस बने हुए हैं किसानों का कहना है कि  कई स्थानों पर ऐसी जगह उन नालियों का निर्माण कर दिया जहां से खेतों तक पानी पहुंच ना काफी मुश्किल भरा साबित हो रहा है किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि नहर से  ऊपर नाली का निर्माण करने से कई खेतों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है ऐसे कई निर्माण कार्य करडावद के बांदारुडा से लेकर केसरपुरा तक आसानी से देखे जा सकते हैं किसानों का कहना है कि सरकार के द्वारा करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है

No comments:

Post a Comment