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Friday, September 11, 2020

30 घंटे से मवई समेत 35 गाँवो में बिजली गुल मुख्यमंत्री मंत्री के आदेश को ठेंगा दिखता बिजली विभाग


रेवांचल टाइम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला के मवई वनांचल क्षेत्र मवई जो की लगातार उपेक्षा का शिकार रहा है यहा की परेशानी देखने,सुनने वाला कोई नही जिला मुख्यालय से लंबी दूरी होने की वजह से जिला मुख्यालय में बैठे आला अधिकारियों को भी मवई की समस्याओं से कोई सरोकार नही होता अभी कुछ माह से बिजली की अंधाधुंध कटौती से लोग परेशान है बिजली पर आधारित व्यापार चौपट होने की कगार में है आजादी के 7 दशक बाद भी मवई विकास खंड आजाद नही हो सका है आज भी बिजली वितरण की प्रणाली मवई में 20 साल पीछे है।
          वही प्रदेश के मुखिया ने किसानों और आदिवासी जिले में 24 घण्टे बिजली देने का वादा के साथ साथ अनेक बार बार घोषणा कर चुके है पर उनकी घोषणा केवल और केवल घोषणा बन के रहा गई वही जमी हकीकत कुछ ही कह रही है
      बिजली की समस्या पर अभी कुछ ही दिन पहले कांग्रेस और बिछिया विधायक के द्वारा धरना प्रदर्शन कर जिला प्रशासन को ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया कि मवई के भोले भाले आदिवासी आधुनिक युग होने के बाद भी आज कैसे जी रहे है। अनेको बार शिकायतें के बाद भी जिला प्रशासन और न ही बिजली विभाग के आला अधिकारियों के कानों में जु भी नही रेग रही है वही स्थानीय बिछिया विधायक को भी अनसुना की जा रहा है।
        यहा अगर एक बार बिजली आ जा रही हे तो आम जन की छोड़ो सिझोरा कार्यलय में पदस्त विधुत विभाग के जूनियर इंजीनियर को भी पता नही होता की अब मवई क्षेत्र में दोबारा विधुत प्रदाय कब चालू होगी अभी कुछ दिनों से मवई मुख्यालय समेत अनेक गाँवो में 2 से 3 दिन बिजली बंद रह रही है वही वर्तमान में बरसात का मौसम भी चल रहा अभी हाल ही में गुरुवार 10 सितंबर को दोपहर में बंद हुई बिजली 24 से 30 घंटे बाद भी शुक्रवार रात तक बिजली चालू नही हो सकी जब गुरुवार रात स्थानीय लोगो द्वारा सिझोरा में पदस्थ जूनियर इंजियार से बिजली गुल होने की वजह जनाना चाहा तथा कब तक चालू होने की संभावनाएं पूछी गयी तो जवाब टालते हुए हुए बस थोड़ी देर में चालू होने की बात कही गयी किन्तु गुरुवार की सारी रात और शुक्रवार दोपहर तक बिजली चालू नही हो सकी विधुत विभाग द्वारा मेंटेनेंस के नाम पे भीषड गर्मी के दिनों में बिजली बंद करना और अभी बिना बारिस, तूफान के 2 से 3 दिनों के लिए बिजली बंद करना विधुत विभाग के दावों की पोल खोलता है विभाग के आला अधिकारियों भी इस आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र की विकट समस्या को पीकर चुप्पी साधे हुए हे वही स्थानीय कर्मचारी अधिकारी भीषण लापरवाही को अंजाम दे रहे हे जिसका खामियाजा मवई क्षेत्र की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है ।


"बिजली न होने से दो दिनों से विधुत उपकरण सुधार कार्य ढप पड़ा है व्यापार में भारी प्रभाव पड़ रहा है"

                      प्रकाश साहू
               संचालक प्रज्ञा इलेक्ट्रॉनिक

      बिजली की अंधाधुंध कटौती से जन जीवन अस्त व्यस्त है आये दिन बिजली बंद रहती है गुरुवार से बंद बिजली की वजह से शुक्रवार सुबह से अनेक कार्यो के लिए लोग परेशं रहे

                  लक्ष्मी कान्त पाठक
                      स्थानीय युवा मवई

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