रेवांचल टाइम्स सिवनी - छपाराओर भीमगढ़ ग्राम को जोड़ने वाला और लाइफलाइन कहलाने वाला ब्रिज भी इस बाढ़ की चपेट से नही बच पाया और बाढ़ की वजह से बह गया वही ताज्जुब की बात तो यह है कि ग्राम सुनवारा का पुल मात्र 2 से 3 महीने पहले ही आमजनों के लिए चालू किया गया था बताया जा रहा है कि यह पुल करोड़ों की लागत से निर्मित किया गया था लेकिन करप्शन और कमीशन की भेंट चढ़े इस पुल की पहली ही बारिश में सारी पोल सामने लाकर रख दी पुल को देख कर तो यही मंजर सामने आता है ।
वही दुसरी और भीमगण के ग्रामीणों द्वारा बांध प्रबंधक के उपर आरोप लगाया जा रहा है कि पहले कहे जाने पर प्रबंधक द्वारा गेट नही खोलें गए एंव कुछ समय बाद डेम के सभी गेट खोल दिया गया ।जिसका परिणाम यह निकला कि क्षमाता से अधिक पानी होने के कारण एसे परिणाम हुए हैं। जिसके चलते भीमगण ओर सुनवारा के दोनों पुल आ गए अधिक पानी की चपेट में।
अब सवाल यह उठता है कि
सुनवारा वाला पुल तो भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है।
भीमगण पुल का जिम्मेदार कौन ?
ग्रामीणों द्वारा बांध प्रबंधक के उपर लापारवाही का आरोप।
अखिर कारोडो की लागत वाले पुलों का जिम्मेदार कोन ?
अखिलेश बंदेवार कै साथ रेवांचल टाइम्स की एक रिपोर्ट

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