बाल श्रमिक कर विभागीय निर्माण कार्यो में मजदूरी एक नही दस बाल मजदूर मजूदर
रेवांचल टाइम्स - जहाँ एक तरफ पूरा देश कोरोना संक्रमित बीमारी से जूझ रहा वही एक मंडला जिले में चल रहे स्टॉप डेम में बाल श्रमिक कार्य कर रहे है जहाँ एक तरफ कोरोना काल मे नही ले रहा प्रशासन बाल मजदूरों का हाल।।।
केंद्र सरकार व राज्य सरकार प्रवासी मजदूर व स्थानीय मजदूरों के प्रति इस कोरोना काल मे अत्यंत सजग है व इनके जीवन निर्वाह हेतु कई प्रकार के विकल्प तलाश रहै है साथ ही शहरी व ग्रामीण योजना को मिलाकर श्यामा प्रसाद मुखर्जी रुनबन मिशन का कार्य संचालन किया जा रहा है जिसके माध्यम से ग्रामीण एव प्रवासी मजदूरों को रोजगार प्रदान किया जा सके।
इसी तारतम्य में मण्डला जिले के जिला पंचायत अंतर्गत जनपद पंचायत विछिया के ग्राम गोपांगी ग्रामपंचायत नकावल, व ग्राम लुटिया ग्राम पंचायत भावामाल,ग्राम मोहगांव पंडा टोला ग्राम पंचायत भावामाल में रुनबन मिशन के अंतर्गत स्टाप डेमो का निर्माण कराया जा रहा है जहां पर प्रवासी मजदूरों व स्थानीय मजदूरों की जगह पर बाल मजदूरों से काम लिया जा रहा है जहां एक ओर शासन इन नाबालिगो के लिये तरह तरह की योजनाएं संचालित है और कई कड़े कानून भी बनाये हुए है इस सभी कानूनों को ढेंगा दिखाते हुए बाल मजदूरों से मज़दूरी कराई जा रही है पर एक बात समझ के परे है कि इन बाल श्रमिकों को मजदूरी कैसे भुगतान करेंगी मौके से प्राप्त जानकारी के अनुसार स्टॉप डेम के निर्माण कार्य बेचारे बोलेभाले बालक बालिका कार्य कर रहे है और इनकी मेहनत का पैसा किसी ओर के खाते में भुगतान किया जाएगा इससे यह साबित होता है कि कही न कही फर्जी मस्टरोल का उपयोग किया जाऐगा औऱ दिन दिन भर सीमेंट रेत गिट्टी का काम करने वाले बाल मजदूरों का शोषण होना तय है
वही विभागीय अधिकारी व कर्मचारी शासन के नियमो को ताक में रखकर बाल मजदूर प्रतिषेध नियम की धज्जियाँ उड़ा रहे है।अपनी जेबो को भरने के लिये इन बाल मजदूरों से कम मजदूरी में काम लिया जा रहा है।एक और श्रम विभाग बाल मजदूरों को काम न कराने का दम्भ भरता है और दूसरी ओर खुद प्रशासनिक अमला इन बाल मजदूरों से काम करा कर अपनी जेब भरने में लगे हुये है ।इसके लिए जिम्मेदार कौन है ये एक बहुत बड़ा सवाल है।समय रहते अगर इस विषय पर कदम नही उठाया गया तो वो दिन दूर नही जब माँ के गोद से बच्चों को निकालकर उन बच्चों के बचपन को अपनी जेब भरने के लिए तपति धूप में झोंक दिया जाएगा।
औऱ जब रेवांचल टाइम्स की टीम ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूनबन मिशन में संचालित स्टॉप डेम निर्माण कार्य मे कार्यरत बाल मजदूरों की बात जिले में बैठे जिम्मेदार अधिकारियों / कर्मचारियों से बात कर पूरा मामले से अवगत कराया तो अधिकारी/ कर्मचारी अपना पल्ला झाड़ते नजर आए। अब देखना यह है कि इस पूरे मामले में जिला प्रशासन बाल मज़दूरों को न्याय दिला पायेगा।
इनका कहना है
में अभी बाहर हूँ आपको जो कहना है मुझे मोबाईल से बतलाईये आपको क्या समस्या जब हमने निर्माण कार्य मे कार्य कर रहे बाल श्रमिकों औऱ योजना के बारे जानना चाहा है तब उनका कहना है कि जो निर्माण कार्य चल रहे है वो रूर्बन मिशन से संचालित है में कुछ भी आपको नही बता सकता मेरी जॉब का सबाल है आपको जो जानकारी लेना आप सूचना अधिकार से लीजिये ओर जो जानकारी चाहिए आप तकनीक अधिकारी से बात करो में स्टेट मिशन सलाहकार हूँ।
मनोज गडकरी
स्टेट सलाहकार रूर्बन मिशन मंडला
मुझे कोई जानकारी नही है क्या काम चल रहा और कौन कर रहा है आप एक बार जनपद विछिया के मुख्यकार्यपालन अधिकारी से बात कर लीजिए पूरी जानकारी आपको वही से मिल पाएगी औऱ बाकी जानकारी आपको में पता करके बतलाता हूँ।
उमेश सिंगरौर
जिला तकनीकी विशेषज्ञ अधिकारी मंडला
काम तो रूर्बन मिशन से संचालित है जहाँ तीन स्टॉप डेम का कार्य चल रहा है मुझे जैसे ही पता चला कि निर्माण कार्य मे बाल श्रमिक कार्य कर रहे पता चलते ही तत्काल उन्हें वहां से हटा दिया गया है।
ब्रजेश मिश्रा
उपयंत्री वॉटर सेड मंडला
मुझे जैसे काम के लिए कहा गया में करवा रहा हूँ मुझे कोई जानकारी नही है मुझे केवल यहाँ पर काम देखना है और जल्द से जल्द काम पूरा करवाना है और अभी खेती बाड़ी का काम चल रहा है तो मजदूर नही मिल रहे है जिस कारण से उनके बच्चे यहाँ काम कर रहे है इनका भुकतान इनके परिजनों के खाते में किया जाएगा ओर जिनका खाता है उनके खाते में 172 रुपये की दर से भुगतान किया जाएगा और आपको ज्यादा जानकारी चाहिए तो आप जिला पंचायत में जाकर हमारे वरिष्ट अधिकारी से संपर्क करे मुझे ज्यादा जानकारी नही।
मनोज यादव
सुपरवाईजर



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