गेहूं उपार्जन में मध्यप्रदेश शासन ने देश मे अपनी पीठ थपथपाई, लेकिन हकीकत कुछ और ही कर रही बयाँ.....
गणेशगंज खरीदी केन्द्र में 243 कुण्टल गेहूं हुआ खराब
अनाज इतना खराब हो चुका है कि जानवर भी नही खा रहे
ट्रांसपोटर्स ने की लापरवाही भुगतान कर रही खरीदी समिति
रेवांचल टाइम्स - जिले की 98 खरीदी केंद्रों से जैसे तैसे खरीदी गई उपज का परिवहन अपने अंतिम दौर में है किंतु उपार्जन नीति के विरुर्द्ध समय पर अनाज के परिवहन ना हो पाने से लाखों रुपयों का गेंहू पानी की भेंट चढ़ गया वही एक तरफ खरीदी केंद्र गणेशगंज में 243 किविंटल गेहूं खराब हो गया। जिन खरीदी केंद्र में सरकार अनाज के रखरखाव के लिए लाखों रुपये खर्च करती है कि अनाज सुरक्षित रहे। हमारे देश का अन्न दाता अपना रात दिन करके औऱ पसीने वहा कर फसले तैयार करता है औऱ फसल इन खरीदी केंद्रों तक लाता है। लेकिन कुछ खरीदी केन्द्रों की लापरवाही से औऱ व्यापक स्तर पर अनाज के सुरक्षा इंतजाम नही होने से अनाज खराब हो गया, ये तो हम एक खरीदी केंद्र की बात कर रहे सिवनी जिले और भी खरीदी केंद्र है जहाँ पर सेकड़ो किविंटल अनाज परिवहन कर्ता की लापरवाही की भेंट चढ़ गया।
गेहूं की ऐसी बर्बादी शायद आपने कहीं नहीं देखी होगी जो गणेशगंज खरीदी केंद्र में हुई है बताया जाता है कि जो खरीदी केंद्र का चयन खेत में किया गया था वही बारिश आने में सैकड़ों कुंटल गेहूं सड़ कर दुर्गंध मारने लगा है। जिसमें खरीदी केंद्रों ओर परिवहन कर्ता की बड़ी लापरवाही सामने आती है। जब मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी दे चुका था कि इस बार मानसून जल्दी आएंगे फिर भी इन खरीदी कन्द्रों में गेहूं की सुरक्षा के क्यों नहीं व्यापक इंतजाम किए गए ओर समय पर गेहूं को भंडारित क्यो नही किया जा सका। किसान के द्वारा मेहनत से उगाई गई फसल गेहूं को खरीदी केंद्र में जिस तरह से लापरवाही की भेंट चढ़ गई है। जिसे देखकर आप हैरान और परेशान रह जाएंगे जिस गेहूं की रोटी से लोग अपना पेट भरा करते हैं। उसे रखरखाव करने में कितनी लापरवाही बरती गई है उसे देखकर सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। गेहूं सड़ जाने के बाद जेसीबी मशीन से उसे ठिकाने लगाया जा रहा है।इस पूरे मामले में बड़ा सवाल यह है कि इतने बड़े पैमाने में खरीदी केंद्र में खुले आसमान के नीचे औऱ आख़िर क्यो खेत में रखे गेहूं को लापरवाही पूर्वक छोड़ दिया गया। खरीदी केंद्रों की मॉनिटरिंग करने वाले अधिकारियों की भी लापरवाही उजागर होती है जिनके द्वारा पहले से ही कोई कार्यवाही नहीं की न ही सुरक्षा के इंतजाम किये गए और की गई खरीदी केंद्रों में गेहूं सड़ने की भारी मात्रा बताई जा रही है गेहूं को किन अधिकारियों के सामने ठिकाने लगाया गया है, जिस की सही मात्रा कितनी है यह सब जांच का विषय है जिले में भारी मात्रा में खरीदी केंद्रों में गेहूं सड़ा है लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से इन लापरवाहो पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है जिससे भविष्य को लेकर इन पर नकेल कसा जा सके। गणेशगंज सोसाइटी के खरीदी केंद्र का गेहूं कई स्कूलों में भी भर दिया गया है। जो अब दुर्गंध मार रहा है ।
दीलिप अवस्थी ।
खरीदी केंद्र प्रभारी गणेशगंज


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